ओलंपिक पदक विजेताओं का सम्मान नहीं करने के लिए Usha ने कार्यकारी समिति के सदस्यों को लताड़ा
नयी दिल्ली । भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा कि यह ‘बेहद चिंताजनक’ है कि कार्यकारी समिति के सदस्य ओलंपिक पदक विजेताओं को सम्मानित करने में विफल रहे। उन्होंने वित्त समिति पर पेरिस खेलों की भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी के लिए निर्धारित कोष को जारी करने से रोकने का आरोप लगाया। युवा निशानेबाज मनु भाकर के दो ऐतिहासिक कांस्य पदक सहित भारत ने पेरिस खेलों में छह पदक जीते लेकिन उषा ने कहा कि ‘कार्यकारी समिति उनकी सफलता का जश्न नहीं मनाना चाहती’ और इससे वह ‘बेहद दुखी’ हैं।
उषा ने बयान में कहा, ‘‘इन खिलाड़ियों ने देश को गौरवांवित किया है और यह आईओए की जिम्मेदारी है कि वे उस सम्मान के साथ उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाएं जिसके वे हकदार हैं। यह बेहद चिंताजनक है कि अगस्त के मध्य में (खिलाड़ियों के) स्वदेश लौटने के बावजूद कार्यकारी समिति इस बारे में चर्चा करने या औपचारिक सम्मान समारोह आयोजित करने की दिशा में कदम उठाने में नाकाम रही है।’’ उन्होंने खुलासा किया कि ओलंपिक के लिए जाने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को दो लाख रुपये और प्रत्येक कोच को एक लाख रुपये का तैयारी अनुदान देने के प्रस्ताव को वित्त समिति, विशेषकर आईओए कोषाध्यक्ष सहदेव यादव ने रोक दिया।
पीटी उषा ने कहा, ‘‘मेरा दृढ़ विश्वास है कि इस अनुदान से हमारे खिलाड़ियों और उनके कोचों को ओलंपिक खेलों से पहले के महत्वपूर्ण दौर में वह सहायता मिल जाती जिसकी उन्हें आवश्यकता थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस कोष को वितरित करने से इनकार करना खिलाड़ियों की आवश्यकताओं की समझ की कमी को दर्शाता है और उनकी तैयारी और देखभाल के प्रति पूर्ण उपेक्षा को दर्शाता है।’’ पिछले नेतृत्व के कार्यों की ओर इशारा करते हुए उषा ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक के सात पदक विजेताओं के लिए कोविड-19 महामारी के बावजूद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था।