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उषा _मंगलम सीमेंट लिमिटेड सिलाई स्कूल प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन समारोह

उषा _मंगलम सीमेंट लिमिटेड सिलाई स्कूल प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन समारोह

मोडक गांव: मोड़क गांव के आदित्य विक्रम बिरला कल्याण मंडपम में चले 15 मार्च से 23 मार्च 9 दिवसीय आवासीय उषा_ मंगलम सीमेंट लिमिटेड सिलाई स्कूल प्रशिक्षण शिविर बृहस्पतिवार को समापन समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामगंजमंडी तहसीलदार मती नीरज रावत, कार्यक्रम की अध्यक्षता मंगलम सीमेंट के सीनियर ज्वाइंट प्रेसिडेंट (कमर्शियल) अनिल मंडोत व विशिष्ट अतिथियों में मंगलम महिला मंडल अध्यक्षा मती विभा सचान एवं संयुक्त अध्यक्षा मती शशि मंडोत, मोड़क गांव सरपंच मती कैलाश बाई, हिरियाखेड़ी सरपंच मती जोहरा बी., बुद्धखान ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि मुकेश, मोड़क गांव के उप सरपंच अजय बग्गड़ व इंटक यूनियन अध्यक्ष राजीव चौहान आदि रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा शहीद दिवस के उपलक्ष में भगत सिंह, सुखदेव थापर व शिवाराम राजगुरु की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामगंजमंडी तहसीलदार मती नीरज रावत ने मंगलम सीमेंट द्वारा किए जा रहे सामाजिक सरोकार कार्य व महिला मंडल द्वारा दीन दुखियों के लिए किए जा रहे परोपकारी व सामाजिक कार्यों के साथ 120 साल पुरानी उषा इंटरनेशनल कंपनी द्वारा सामाजिक हित में किए जा रहे कार्य की प्रशंसा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मंगलम सीमेंट के सीनियर जॉइंट प्रेसिडेंट (कमर्शियल) अनिल मंडोत ने अपने उद्बोधन में मंगलम सीमेंट व उषा इंटरनेशनल कंपनी द्वारा सामाजिक हित में किए जा रहे सामाजिक सरोकार कार्यों की तारीफ की, साथ ही सीखने वालों के प्रयास को बहुत सराहना की। इस उपलक्ष पर मंगलम महिला मंडल अध्यक्षा मती विभा सचान व संयुक्त अध्यक्षा मती शशि मंडित ने भी महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण का उद्देश्य सिलाई स्कूल के एक छोटे से प्रयास के माध्यम से महिला उद्यम को बढ़ावा देना है उन्होंने महिला उद्यमिता की व्याख्या की और कहा कि एक उद्यम महिलाओं को आत्मविश्वास और रचनात्मक बनाता है। एच.आर. हेड आर.पी. सिंह ने बताया कि मंगलम सीमेंट ने उषा इंटरनेशनल द्वारा प्रक्रिया के तहत चयनित 10 प्रशिक्षुओं को मंगलम सीमेंट लिमिटेड द्वारा उषा कंपनी की 10 सिलाई मशीनें प्रदान की गई है, इतना ही नहीं मंगलम इन 10 प्रशिक्षकों से 1 साल में 20 महिलाओं को पूरी तरह से तैयार करवाएगी।
सिंह ने कहा कि हमारे समाज में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बाहर जाकर महिलाओं के लिए काम करना बहुत चुनौतीपूर्ण है यदि एक महिला स्वतंत्र हो जाती है तो इसका लाभ पूरे परिवार को होता है समाज में बाहर जाने और काम करने से प्राप्त अनुभव और अनुभव से परिवार के सभी सदस्य के लिए शिक्षा स्वास्थ्य और गुणवत्ता पूर्ण जीवन के बेहतर अवसर मिलते हैं ऐसे समूह द्वारा योगदान की यह छोटी राशि हमारे देश के विकास में मदद कर सकती है।
उषा इंटरनेशनल के रीजनल हेड मोहनलाल ने कहा कि महिलाओं को परिवार और बच्चों की देखभाल जिम्मेदारियों के कारण आय उत्पादक काम करने में कठिनाई होती है, परिवार जल्दी उन्हें ऐसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए बढ़ावाया प्रेरित नहीं करते। अतः इस प्रशिक्षण एवं संपूर्ण कार्यक्रम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इन सिलाई शिक्षिकाओं एवं सीखने वाले प्रतिभागियों द्वारा परिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में परेशानी ना हो। उन्नयन समिति के विजय पाराशर ने संबोधित करते हुए इस अवसर पर स्वयं के जीवन को बदलने के लिए आगे आने की अपील की उन्होंने कहा कि यह आप सभी महिलाओं के लिए अपने कौशल विकास के साथ ही साथ अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार करने का अवसर है उन्होंने जानकारी दी कि इस शिविर में 7 पंचायत से 10 गांव की 10 महिलाओं ने भाग लिया जो दिव्यांग आर्थिक स्थिति से कमजोर है। प्रशिक्षण में 2 दिन मशीन जमाना और ठीक करना सिखाया गया व 5 दिन का सिलाई जिसमें ड्राफ्टिंग कटिंग व स्टिचिंग का कार्य सिखाया गया। इन महिलाओं के व्यक्तित्व निर्माण के लिए 2 दिन जीवन कौशल शिक्षा भी प्रदान की गई ताकि दैनिक जीवन की कठिनाइयों का सामना ठीक से कर सकें। इस शिविर का समापन में बृहस्पतिवार को शिविर में भाग लेने वाली महिलाओं को मंगलम सीमेंट की ओर से सभी 10 प्रशिक्षुओं को उषा सिलाई मशीन के साथ मोटर पायदान व सिलाई स्कूल बोर्ड प्रदान किया गया। सामाजिक सरोकार के तहत 9 दिन तक किया गया सिलाई स्कूल प्रशिक्षण शिविर की संपूर्ण व्यवस्था मंगलम सीमेंट की सी.एस.आर .अधिकारी मती सीमा वास्तव ने की।

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