'वन्दे गंगा - जल संरक्षण जन अभियान' एक जन चेतना : सुराणा
'वंदे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान' अंतर्गत सूचना केन्द्र में आयोजित हुई मीडिया राउंड द टेबल, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने मीडियाकर्मियों से साझा की अभियान की विस्तृत जानकारी, जिले में जलग्रहण गतिविधियों व जल संरचनाओं के संरक्षण से करवाया अवगत
चूरू। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में प्रदेश सरकार के महत्वाकां कार्यक्रम 'वंदे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान' अंतर्गत रविवार को जिला मुख्यालय स्थित सूचना केन्द्र में 'मीडिया राउंड द टेबल' एक्टिविटी आयोजित की गई। जिला कलक्टर सुराणा ने प्रेस प्रतिनिधियों से अभियान के विस्तृत जानकारी साझा करते हुए जिले में जलग्रहण गतिविधियों व जल संरचनाओं के संरक्षण से अवगत करवाया।
'वन्दे गंगा - जल संरक्षण जन अभियान' एक जन चेतना
इस मौके पर जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जल संरक्षण गतिविधियों में समाज, समूह, संगठनों व आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए 'वंदे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान' के रूप में महत्वाकां निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा 05 जून, 2025 को गंगा दशहरा के अवसर पर सम्पूर्ण प्रदेश में 'वन्दे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान' की शुरुआत की गई और 20 जून तक यह अभियान चलाया जाएगा। जिले के रतनगढ़ ब्लॉक के जांदवा ग्राम पंचायत के मोलीसर छोटा के ढ़ाणी बीका स्थित भूलाना जोहड़ से अभियान का जिले में शुभारंभ किया गया तथा अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व आमजन की समुचित भागीदारी के साथ विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
सुराणा ने कहा कि 'वन्दे गंगा - जल संरक्षण जन अभियान' केवल एक सरकारी परियोजना नहीं, बल्कि यह एक जन चेतना है। यह अभियान राज्य के हर गांव, हर मोहल्ले और हर नागरिक के मन में जल के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को जागृत करता है। यह अभियान न केवल जल संकट से निपटने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि यह भावी पीढ़ियों को एक हरित, स्वच्छ और जल समृद्ध राजस्थान सौंपने की ओर एक ठोस प्रयास है।उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा शुरु इस अभियान का उद्देश्य राज्य में जल संकट से निपटना और पर्यावरणीय संरक्षण को बढ़ावा देना है। इस अभियान में पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्निर्माण, जल संचयन संरचनाओं के निर्माण, और जल संरक्षण की जन जागरूकता को बढ़ावा देने जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सुराणा ने बताया कि अभियान के सफल आयोजन हेतु मजबूत विभागीय समन्वय स्थापित किया गया है। अभियान अंतर्गत जल शक्ति अभियान- कैच द रैन, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, हरियालो राजस्थान, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, एक पेड़ मां के नाम आदि अभियानों को सम्मिलित रूप में क्रियान्वित किया जा रहा है। इसी के साथ श्रमदान और जल संरक्षण कार्यक्रम, जल संरचनाओं का निर्माण, पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्निर्माण, संस्कृति व परंपराओं से जल संरक्षण को जोड़ना व जल संस्कृति को बढ़ावा देना, कार्यशालाएं और जन संवाद आदि विभिन्न गतिविधियों पर फोकस किया जा रहा है। तालाब, बावड़ी, नाड़ी आदि परम्परागत जल स्रोतों पर जन भागीदारी से इन जल स्रोतों की साफ-सफाई, जल एवं पीपल पूजन के साथ समारोहपूर्वक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
विभिन्न कार्यों की दी जानकारी
वाटरशेड एसई मजहर हुसैन ने बताया कि जिले में सरकार की विभिन्न योजनाओं में सार्वजनिक व निजी कुण्ड निर्माण की दिशा में सकारात्मक प्रयास किए गए हैं। जिले में विभिन्न परियोजनाओं में बनाए गए टांके/ कुण्ड एवं अन्य जल संरचनाओं का उपयोग पेयजल व दैनिक गतिविधियों में किया जा रहा है। अभियान के दौरान कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान अन्तर्गत 105 कार्यों की स्वीकृति जारी की गई, जिसमें से 25 कार्य पूर्ण कर लिए गए है। 03 कार्य प्रगतिरत है व शेष 77 कार्यों को प्रारम्भ करवाया जाना प्रस्तावित है। महानरेगा अंतर्गत पंचायत पौधशाला के 303 कार्य स्वीकृत कर प्रारम्भ किए गए हैं। वाटर कन्जर्वेशन के 1847 कार्य प्रगतिरत है एवं 514 कार्य स्वीकृत किये जा चुके है। परम्परागत जलसंचय ईकाई के 99 कार्य प्रगतिरत व 22 कार्य स्वीकृत किये जा चुके हैं। वृक्षारोपण के 967 कार्य प्रगतिरत है एवं 309 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसी के साथ जिले में अमृत सरोवर कार्य, पंचायतीराज विभाग में सार्वजनिक कुण्ड, जल पुनर्भरण सरंचनाएं एवं जल संरक्षण ढांचा (जोहड़/ तालाब) के 225 कार्य स्वीकृत किये जा चुके है, जिनमें से 160 कार्य पूर्ण व 122 कार्य प्रगतिरत है। स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 3992 सोखते गड्ढों की जारी स्वीकृति में से 2968 कार्य पूर्ण एवं 214 कार्य प्रगतिरत है। हरियालो राजस्थान तहत 529 कार्य स्वीकृत किये जा चुके है, जिन पर 2 लाख 34 हजार 950 पौधां का रोपण किया जाना प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि चूरू जिले में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 के प्रथम चरण अन्तर्गत 07 अमृत सरोवर, 05 जोहड़, 27 चारागाह एवं सार्वजनिक टांका निर्माण कार्यों सहित लगभग 52 कार्यों का लोकार्पण किया जा रहा है। इसी प्रकार द्वितीय चरण अन्तर्गत प्रस्तावित 2511 कार्यों में से अधिकाधिक सार्वजनिक प्रकृति के कार्यों का विधिवत भूमि पूजन किया जाकर शिलान्यास किया जाना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 प्रथम चरण के तहत चूरू जिले में प्रथम चरण अन्तर्गत 17 ग्राम पंचायतों के 39 गांवों में कुल 51 हजार 252 हैक्टेयर में 86.96 करोड़ राशि के कुल 3894 कार्यों का अनुमोदन किया गया है। इस अभियान अन्तर्गत जिले में अब तक कुल 2723 कार्यों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी करवाई गई है, जिनमें से 1798 कार्य पूर्ण हो चुके है एवं 925 कार्य प्रगतिरत है। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 प्रथम चरण में जलग्रहण विभाग के 2231 स्वीकृत कार्यों में से 1530 कार्य पूर्ण एवं 701 कार्य प्रगतिरत है। इसी क्रम में कृषि कुण्ड, फॉर्म पौण्ड, जोहड निर्माण, सार्वजनिक भूमि पर चारागाह विकास कार्य व निजी कृषक भूमि पर फलदार वृक्षारोपण इत्यादि अनुमत कार्य करवाए जा रहे हैं।