ग्राम उत्थान शिविर बना संबल तारबंदी योजना से किसान मोहनलाल की फसल सुरक्षित
झालावाड़। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्राम उत्थान शिविर आमजन, विशेषकर किसानों के लिए योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। इन्हीं शिविरों के माध्यम से कृषि विभाग की तारबंदी योजना का लाभ लेकर ग्राम जगन्नाथपुरी निवासी किसान मोहनलाल ने अपनी खेती को जंगली जानवरों के नुकसान से सुरक्षित किया है। ग्राम पंचायत झुमकी, उपखंड झालावाड़, जिला झालावाड़ के निवासी किसान मोहनलाल पुत्र अमरलाल पिछले कई वर्षों से कृषि कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके खेतों में नीलगाय एवं जंगली सूअर जैसे जानवरों के कारण फसलों को लगातार नुकसान हो रहा था, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ती थी। फसल की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इसी दौरान वे अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी के संपर्क में आए। अधिकारियों द्वारा उन्हें कृषि विभाग की तारबंदी योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। योजना के अंतर्गत 400 मीटर परिधि तक तारबंदी कराने पर किसानों को अधिकतम 40,000 रुपए का अनुदान दिए जाने की जानकारी मिली। कृषि अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से किसान मोहनलाल ने तारबंदी योजना में आवेदन किया। आवेदन की प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के पश्चात विभाग द्वारा उन्हें तारबंदी से संबंधित सभी आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। निर्देशों के अनुरूप उन्होंने अपने खेत में तारबंदी कार्य पूर्ण कराया, जिसका कृषि विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन भी किया गया। इसके पश्चात कनवाड़ा क्षेत्र में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर के दौरान कृषि विभाग द्वारा उन्हें तारबंदी योजना में वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। योजना का लाभ मिलने से उनकी फसल अब जंगली जानवरों से सुरक्षित हो गई है, जिससे उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है। किसान मोहनलाल ने ग्राम उत्थान शिविर के दौरान अपने अनुभव अन्य किसान भाइयों के साथ साझा किए तथा उन्हें भी तारबंदी योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ग्राम उत्थान शिविर किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं, जहां एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी एवं लाभ प्राप्त हो रहा है। किसान मोहनलाल ने इस अवसर पर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच की सराहना करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि ऐसी योजनाएं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।