ड़ला , श्यामपुरा सहित आसपास के क्षेत्र में बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान
आहोर. उपखंण्ड क्षैत्र के ग्राम रोड़ला, श्यामपुरा की ढाणी समेत आसपास के क्षेत्र के लोग चार-पांच दिन से अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय हो रही कई घंटों की बिजली कटौती को लेकर डिस्कॉम के अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिल रहा है। वहीं डिस्कॉम कार्मिकों द्वारा भी समय पर विधुत कटौती की उचित जानकारी के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को खासी समस्याएं हो रही है। वहीं डिस्कॉम के कार्मिकों व अधिकारियों से एक ही रटा रटाया जवाब जवाब मिलता है कि विधुत प्रसारण विभाग के 1.32 केवी जीएसएस पर जयपुर से एलडी मैसेज मिलने पर कटौती की जा रही है।रोड़ला , श्यामपुरा की ढाणी के ग्रामीण ने बताया कि पिछले सप्ताह भर से इस तरह की एलडी मैसेज के नाम से विधुत कटौती हो रही है वो भी लगातार शाम के समय जब गृहणी महिलाओं के खाना बनाने का समय हो जाता है ठीक उसी समय विधुत कटौती हो रही है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ग्रामीण ने प्रशासन से अपील की है। वहीं लगातार एलडी मैसेज से लगातार एक ही समय में हो रही कटौती से खासी परेशानी हो रही है आए दिन हो रही विधुत कटौती से विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है वहीं परीक्षा के समय में बिजली गुल होने से बच्चों को तैयारी में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
रोड़ला के आधे गांव में सीटी फीडर से कनेक्ट, वहीं आधे गांव में बिजली गुल - एक ही गांव में इस तरह के सौतेले व्यवहार से ग्रामीणों में आक्रोश -
एससी एसटी इलाके आज भी सीटी फीडर से नहीं जुड़ा होने से ग्रामीणों में आक्रोश -
भले ही देश आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मना रहा हो लेकिन रोड़ला गांव में इस तरह के विधुत विभाग के सौतेले व्यवहार से ग्रामीणों में खासा आक्रोश व विभाग के प्रति नाराजगी है। ग्रामीणों ने बताया कि रोड़ला गांव के कुछ गलियां आज भी सीटी फीडर के तहत जुड़ी हुई है जहां हमेशा बिजली शुचारू रूप से शुरू रहती है जबकि रोड़ला के आधे गांव में बिजली गुल रहती है आधे गांव को एजी फीडर से जुड़ा हुआ होने से अधिकांश बिजली गुल रहती है। जबकि ग्रामीणों द्वारा रोड़ला को सीटी फीडर से कनेक्ट करने हेतु कई बार अवगत करवाया गया लेकिन मात्र काम शुरू का आश्वासन ही मिल पा रहा है जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों द्वारा आगामी समय में आंदोलन भी किया जाएगा ।