पौराणिक कायावर्णेश्वर महादेव के दर्शन के लिए पहुँच रहे दर्शनार्थी
झालावाड. झालावाड जिले के डग भवानीमंडी मार्ग पर स्थित कायावर्णेश्वर महादेव मन्दिर जो राजस्थान सहित मध्यप्रदेश के श्रद्धालुओं के आस्था का केन्द्र है। पौराणिक मान्यताओं और किवदंतियों के अनुसार महाभारत काल मे राजा परीक्षित के पुत्र जन्मेंजय ने यहाँ अँगूठे के आकार के शिवलिंग की स्थापना की थी जो तिल तिल बढता है छत्रसाल ओर बेरिसाल पर्वत की तलहटी में स्थित इस महादेव मन्दिर के बारे में बताया जाता है की राजा जन्मेजय ने नाग यज्ञ किया था जिससे उन्हें कोड़ हुई थी और यहाँ स्थित कुण्ड के स्नान करने से उनको कुष्टरोग से मुक्ति मिली थी इसलिए चर्मरोग के मरीज यहाँ स्नान करने आते है और उनको महादेव के आशीर्वाद से लाभ होता है। यहाँ महाशिवरात्रि पर प्रत्येक वर्ष लाखो श्रद्धालु दर्शन के लिए आते है इसके लिए मन्दिर समिति सहित प्रशासन चाक चौबन्द व्यवस्था करता है। आज महादेव का वीशेष आकर्षक श्रृंगार भी किया गया वही रात्रि में भजन गायिका अलका शर्मा द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।
*क्षेत्र के शिवमंदिरो में लगा भक्तो का तांता*
महाशिवरात्रि ओर शनिवार होने से इसका अदभुद योग बताया जाता है जिसके चलते क्षेत्र के शिव मंदिर, सीधेश्वर महादेव गोविंदपुरा, भूतेश्वर महादेव उमरिया, डग के तेजेश्वर, नर्बड़ेश्वर महादेव, चमत्कारेश्वर महादेव में दर्शनार्थियों की खासी भीड़ रही जहां श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किये
*महाँकाल की तर्ज पर होता है भाँग श्रगार*
यहाँ महाशिवरात्रि पर प्रतिवर्ष महाँकाल उज्जैन कि तर्ज पर भाँग श्रृंगार होता है यह श्रृंगार शिवभक्त मण्डल डग के सदस्य करते है जिसमे 11 किलो भाँग का उपयोग किया जाता है साथ ही सूखे मेवे से किये गए इस श्रृंगार के दर्शन लाखो श्रद्धालु करते है शिवभक्त मंडल के कृष्णकान्त शर्मा, रोमेश व्यास, लखन कुमावत, श्याम टेलर, राम शर्मा ने किया जो अद्भुद था।
*पुलिस प्रशासन ने देखी सुरक्षा व्यवस्था*
मन्दिर में दर्शन केलिए श्रद्धालुओं को किसी परेशानी ना हो इसके लिए मन्दिर समिति सहित पुलिस उपाधीक्षक प्रेमकुमार चौधरी, एसएचओ अमरनाथ जोगी सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्थाए संभाल रखी थी वही मन्दिर समिति के शम्भू पोरवाल, मनीष प्रेमी, सरपंच प्रधान सिंह कुन्दन व्यास, केशव अग्रवाल, शंकरलाल सोनी, सहित वेटेनरी कॉलेज के छात्रों सहित ग्राम रक्षा दल एवं पुलिस मित्रो ने व्यवस्थाए संभाली।