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महिला सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

महिला सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

  • महिला एवं बाल विकास विभाग की आमुखीकरण कार्यशाला
  • महिलाओं-बच्चों के सशक्तीकरण से ही देश-प्रदेश होगा मजबूत
  • गुणवत्तापूर्ण पोषण एवं बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता
  • ‘सशक्त नींव-उज्ज्वल भविष्य’ की थीम पर आयोजित हुई एक दिवसीय कार्यशाला
  • मुख्यमंत्री ने आईसीडीएस फील्ड कार्मिक प्रशिक्षण के लिए धौलपुर में स्किल लैब का किया वर्चुअल उद्घाटन

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाएं हमारी आधी आबादी हैं और बच्चे हमारे भविष्य की नींव हैं। उनके विकास और सशक्तीकरण से ही हमारा देश-प्रदेश मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने, उनके स्वास्थ्य एवं गुणवत्तापूर्ण पोषण सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। साथ ही, राज्य सरकार महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

शर्मा गुरूवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘सशक्त नींव-उज्ज्वल भविष्य’ की थीम पर आयोजित आमुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों को सशक्त बनाने में महिला एवं बाल विकास विभाग महत्वपूर्ण कड़ी है। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी कार्मिक पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता और निष्ठा से काम करते हुए योजनाओं का लाभ धरातल तक लाना सुनिश्चित करें। साथ ही, नवीनतम तकनीक एवं नवाचारों से खुद को अपडेट रखें।

आंगनबाड़ी केन्द्रों से 43 लाख बच्चे-महिलाएं लाभान्वित—
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लगभग 43 लाख बच्चों और महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है। पोषाहार की गुणवत्ता के लिए ओ.टी.पी. आधारित प्राप्ति तथा चेहरे से पहचान जैसे नवाचार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के माध्यम से बच्चों को अतिरिक्त पोषण के रूप में गर्म दूध उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित रूप से खोलने एवं बच्चों को निर्धारित समय सारिणी के अनुसार गतिविधियां कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार के लिए भामाशाहों, एनजीओ और सीएसआर भागीदारों का सहयोग लें। साथ ही, भामाशाहों की सूची आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं कार्यालयों के बाहर लगाएं जिससे बाकी लोग भी प्रेरित हों।

योजनाओं को पारदर्शिता से करें लागू—
शर्मा ने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र, वन स्टॉप सेन्टर, सखी केन्द्र, उद्यम प्रोत्साहन योजना, वर्क फ्रॉम होम योजना, शिक्षा सेतु योजना, अमृता हाट योजना एवं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान योजना शामिल हैं। महिला हेल्प लाइन नंबर 181 का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि काली बाई भील उड़ान योजना को पूर्ण पारदर्शिता से लागू कर पात्र लाभार्थी किशोरियों को समय पर सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाएं।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से समाज में आया सकारात्मक बदलाव—
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना से बालिकाओं के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है एवं बाल लिंगानुपात तथा बालिका शिक्षा में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लाड़ो प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। इसमें बालिका के जन्म से उसके स्नातक तक की शिक्षा पूरी करने तक एक लाख की राशि की सहायता का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हित के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। साथ ही, विभागीय रिक्त पदों को जल्द भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि से लगभग 1.50 लाख महिला मानदेयकर्मी लाभान्वित हुई हैं।

उपमुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में बच्चों एवं महिलाओं के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिससे समाज में उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह आमुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें विभाग की सबसे छोटी इकाई से लेकर विभागीय अधिकारियों तक के लिए एक मंच पर संवाद हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कार्मिकों से किया संवाद, समर्पण भाव से काम करने के दिए निर्देश—
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक, विभागीय अधिकारियों सहित विभिन्न कार्मिकों से संवाद किया। उन्होंने कार्मिकों से योजनाओं के संचालन की जमीनी स्तर पर जानकारी, उनकी कार्यशैली सहित विभिन्न पहलूओं पर बात की। उन्होंने कार्मिकों को अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण भाव से काम करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आईसीडीएस फील्ड कार्मिक प्रशिक्षण के लिए धौलपुर में स्किल लैब का वर्चुअल उद्घाटन किया। नवीनतम तकनीक से लैस इस स्किल लैब के शुभारंभ से आईसीडीएस कार्मिकों के प्रशिक्षण में सुविधा मिलेगी। इससे संबंधित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी इस दौरान किया गया। साथ ही, सखी वन स्टॉप सेंटर 181 के पोस्टर, डीबीटी के साथ व्यवहार परिवर्तन की रणनीति के पोस्टर तथा कालीबाई भील उड़ान योजना की पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। उन्होंने सेल्फी बूथ पर फोटो भी खिंचवाई। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के संचालन में उत्कृष्ट कार्मिकों का सम्मान भी किया गया। मुख्यमंत्री बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा बाल विवाह को रोकने के लिए उपस्थित जनसमूह को शपथ भी दिलवाई।

इस दौरान शासन सचिव महिला एवं बाल विकास महेन्द्र सोनी, निदेशक आईसीडीएस ओ पी बुनकर सहित वरिष्ठ अधिकारीगण, विभागीय कार्मिक एवं बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक, साथिन उपस्थित रहे।

महिला सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
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