समर्थन मूल्य पर 1 अप्रैल से होगी गेंहू की खरीद
जिला कलक्टर ने दिए अधिकारियो को आवश्यक व्यवस्थाओं हेतु दिशा निर्देश
धौलपुर । रबी विपणन वर्ष 2023-24 के दौरान समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद के संबंध में को बैठक आयोजित की गयी। बैठक मे गेहंू के समर्थन मूल्य पर खरीद के संबंध में प्रक्रिया व व्यवस्था एवं समस्याओं आदि के संबंध में चर्चा कर जिला कलक्टर अनिल कुमार अग्रवाल ने अधिकारीयों को दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य में रबी विपणन वर्ष 2023-24 के दौरान समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद कोटा संभाग के अलावा शेष जिलों में 1 अप्रैल से 30 जून तक की जावेगी। गेहूं की खरीद का कार्य ऑनलाईन माध्यम से किया जावेगा। इस हेतु राज्य सरकार द्वारा ऑनलाईन पोर्टल विकसित किया गया है, उक्त पोर्टल की लिंक खाद्य विभाग की बेवसाईट ीजजचेरूध्ध्विवकण्तंरंेजींदण्हवअण्पद पर ‘‘गेहूं खरीद हेतु किसान रजिस्टेªशन‘‘ के नाम से उपलब्ध है।
इच्छुक किसान 15 मार्च से 25 जून 2023 तक प्रातः 07 बजे से सांय 07 बजे तक स्वयं अथवा अन्य माध्यम से पोर्टल पर पंजीयन करवा सकते हैं। पंजीयन हेतु पहचान के लिये जनाधार कार्ड, भूमि सम्बन्धी दस्तावेज के लिये पटवारी द्वारा जारी की गई गिरदावरी की मूल प्रति और बैंक खाते की पासबुक की प्रति अनिवार्य है। जनाधार कार्ड में पंजीकृत परिवार के एक या एक से अधिक सदस्यों जिनके नाम से गिरदावरी है द्वारा भी पोर्टल पर पंजीयन कराया जा सकता है। पंजीयनकर्ता जनाधार कार्ड में मोबाईल नंबर, बैंक खाता संख्या आदि को अध्यतन कराया जाना सुनिश्चित करें। किराये, बटाई या अनुबंध भूमि के सम्बन्ध में भूमि मालिक का जनाधार और बटाई एग्रीमेंट की प्रति आवश्यक है। गिरदावरी में जिसका नाम होगा उसी का पंजीकरण माना जावेगा, यदि गिरदावरी का ऑनलाईन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है तो किसान द्वारा भू अभिलेख का रिकॉर्ड स्वयं इन्द्राज कर गिरदावरी की प्रमाणित प्रति अपलोड करना आवश्यक होगा।
उन्होंने बताया कि धौलपुर जिले में आरएमएस 2023-24 में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद हेतु 02 क्रय केन्द्र विगत वर्ष की भांति संभावित हैं। किसानों को पोर्टल पर क्रय केन्द्र चुनने का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्रय केन्द्रों एवं किसानों को ऑनलाईन पंजीकरण में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के निराकरण के सम्बन्ध में एक जिला स्तरीय टीम का गठन किया गया है। किसान को पंजीयन दिनांक के आधार पर तुलाई दिनांक एवं खरीद की जाने वाली मात्रा संबंधित केन्द्र पर लाने बावत् किसान के पंजीकृत मोबाईल नंबर पर एस0एम0एस0 के माध्यम से सूचित किया जावेगा। तुलाई पश्चात रसीद की एक प्रति किसान को दी जावेगी।
उन्होंने सभी क्रय केन्द्रों पर छाया, पानी, बिजली, त्रिपाल, शौचालय व साफ-सफाई व्यवस्था हेतु सचिव कृषि उपज मण्डी को निर्देश दिए। संबंधित क्रय ऐजेंसी द्वारा कैमरे व वीडियोग्राफी एवं बैनर आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गेहूं की तुलाई बावत् इलैक्ट्रोनिक कांटे-बांट आदि का उपयोग किया जावे ताकि तौल की गडबडी से बचा जा सके। सचिव कृषि उपज मण्डी द्वारा आडतियों के कार्यों व दायित्वों की पालना सुनिश्चित की जावेगी। असमय बारिस की स्थिति से गेहूं के बचाव हेतु पर्याप्त त्रिपाल व्यवस्था सुनिश्चित की जावे। क्रय केन्द्रों पर कानून व यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाये रखने के लिए प्रत्येक क्रय केन्द्र पर पर्याप्त पुलिस जाप्ता की उपलब्धता सुनिश्चित की जावे। इसके अलावा क्रय एजेंसी के प्रतिनिधियों एवं सचिव कृषि उपज मण्डी समिति द्वारा वाहनों को एक साईड मंे लाईन खडे करवाने संबंधी कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद के दौरान यह संभव है कि काफी मात्रा में कृषक अपने गावों से सुबह जल्दी चलकर क्रय केन्द्रों तक पहुंचे, जहां उनके भोजन एवं अल्पाहार की सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण उपलब्धता हो। इसके लिए आयुक्त नगर परिषद को क्रय केन्द्र सें सम्बन्धित क्षेत्रों में इंदिरा रसोई के माध्यम से भोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में राजफैड और एफसीआई दोनों को खरीद प्रक्रिया प्रारम्भ होने के पूर्व पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु निर्देषित किया जिससे बारदाने के अभाव मेें गेहूं की खरीद बाधित न हो। गुणवत्ता के संबंध में किसी भी विवाद का निपटारा सचिव कृषि उपज मण्डी, संबंधित कृषि पर्यवेक्षक तथा गुणवत्ता निरीक्षक की कमेटी द्वारा किया जावेगा। उपपंजीयक सहकारिता द्वारा खरीद में आने वाली समस्याओं का समाधान प्रतिदिन किया जावेगा एवं क्रय केन्द्रों पर नियमित भ्रमण कर खरीद पर निगरानी रखी जावेगी। राजफैड के समस्त क्रय केन्द्रों हेतु प्रारम्भिक किस्म निरीक्षण हेतु एक कृषि पर्यवेक्षक की नियुक्ति उप-निदेषक कृषि विस्तार द्वारा की जावेगी। क्रयएजेंसी (राजफैड) द्वारा परिवहनकर्ता के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जावेगा कि खरीद के पश्चात गेहूं की समस्त मात्रा का नियमानुसार सुरक्षित भण्डारण हो। क्रय एजेंसी को निर्देशित किया गया कि किसानों को खरीद का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जावे। उन्होंने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद प्रक्रिया पर स्थानीय राजस्व अधिकारियों एवं जिला रसद अधिकारी द्वारा समुचित निगरानी रखने के निर्देश दिए। जिला रसद अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी एवं तहसीलदार समय-समय पर निरीक्षण कर खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाये रखें। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की सम्पूर्ण निगरानी हेतु एक जिला स्तरीय टीम एवं उपखण्ड अधिकारी की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय टीम का भी गठन किया गया है।