बाल विवाह के खिलाफ मशाल लेकर अलख जगाई महिलाओं ने
सरवाड़. बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत राजस्थान महिला कल्याण मंडल के तत्वावधान में ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं एवं बालिकाओं द्वारा मशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। रणजीत सिंह केशावत ने बताया कि शाम को विभिन्न गांवों में महिलाओं ने हाथो मे जलती हुई मशाल, मोमबत्ती एवं दीपक हाथ में लेकर मार्च करते हुए गांव, ढाणी ,गलियो मे लोगो को जागरूक किया और संदेश दिया कि नये भारत में बाल विवाह की कोई जगह नहीं है। आटा-सांटा, मौसर-गौना की आड़ में बाल विवाह करके बच्चों के सपनों को तोड़कर समय से पूर्व उनके कंधो पर सामाजिक जिम्मेदारियों का बोझ थोपना नाइंसाफी होती है। इस दौरान महिला शक्ति जिंदाबाद, महिलाओं और बेटियों पर होने वाले अत्याचार अब बर्दाश्त नहीं होगा, जागो जगाओ बाल-विवाह मिटाओ आदि नारे लगाए गए। रणजीत सिंह केशावत के मार्गदर्शन में मानपुरा, स्यार, भाटोलाव सहित कई गांवों में महिलाओं एवं बालिकाओं ने बाल विवाह, बाल शोषण एवं महिला उत्पीड़न रोकथाम की अलख जगाई। इस दौरान महिलाओं ने बाल विवाह रोकथाम शपथपत्र भरकर शपथ ली कि वे किसी भी प्रकार से बाल विवाह का सहयोग एवं समर्थन नहीं करेगी। महिलाओ ने आश्वस्त किया कि वे अपने बच्चो का बाल विवाह न करके उनकी शिक्षा पर जोर देगी। सामाजिक कार्यकर्ता रणजीत सिंह केशावत ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी टीम से सुनिता नायक, दीपिका, शिमला, गीता शर्मा, कृष्णा शर्मा, शिमला जेन, गरिमा, लीला, राजीविका समूह सदस्य कृष्णा सहित महिलाओं ने कार्यक्रम में सहयोग किया।