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कार्य-जीवन संतुलन: मानसिक स्वास्थ्य एवं बेहतर कार्यक्षमता की कुंजी

कार्य-जीवन संतुलन: मानसिक स्वास्थ्य एवं बेहतर कार्यक्षमता की कुंजी

जयपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (NMHP) एवं जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP), जयपुर द्वारा पूर्णिमा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (PIET) में फैकल्टी सदस्यों के लिए ‘कार्य एवं व्यक्तिगत जीवन में संतुलन’ विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल की व्यावसायिक जिम्मेदारियों के साथ व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाए रखने, तनाव प्रबंधन तथा मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि कार्यशाला में सृजन फाउंडेशन के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को तनाव प्रबंधन एवं भावनात्मक संतुलन से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी गई। इस दौरान सृजन फाउंडेशन की संस्थापक एवं अध्यक्ष तथा काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट एडवोकेट इन्दु तोमर, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एवं रिसोर्स पर्सन डॉ. मोहिनी गुप्ता तथा प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर सृष्टि शर्मा उपस्थित रहीं। काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट एडवोकेट इन्दु तोमर ने प्रतिभागियों को ध्यान (Meditation), श्वसन अभ्यास (Breathing Exercises) एवं गुंजन अभ्यास (Humming Exercise) करवाए। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन एवं तनाव प्रबंधन के सरल और व्यावहारिक तरीकों से परिचित कराया गया। उन्होंने कार्यस्थल की व्यस्त दिनचर्या के बीच स्वयं के लिए समय निकालने तथा अपने मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के महत्व पर भी चर्चा की। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. मोहिनी गुप्ता ने तनाव के मनोवैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव व्यक्ति के मानसिक, भावनात्मक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने तनाव के शुरुआती संकेतों को पहचानने तथा समय रहते प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के विभिन्न उपाय साझा किए। फैकल्टी सदस्यों ने ध्यान, श्वसन एवं गुंजन अभ्यास में उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही, कार्य एवं व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने, तनाव को कम करने तथा दैनिक जीवन में मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी एवं सकारात्मक अनुभव बताया। कार्यक्रम में PIET की NSS समन्वयक डॉ. नूपुर जैन अपने NSS वॉलंटियर्स के साथ उत्साहपूर्वक उपस्थित रहीं तथा कार्यक्रम के सफल संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

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