सुरक्षित खाद्य तेल तकनीक विषय पर कार्यशाला आयोजित
धौलपुर। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण तथा जिला कलक्टर के निर्देशानुसार नमकीन, कुरकुरे मैन्युफैक्चरर, होटल-रेस्टोरेंट, कैफे, भोजनालय, मिठाई- कचोरी-समोसे विक्रेताओं के लिए खाद्य तेलों के सुरक्षित उपयोग एवं खाद्य पदार्थों में फोर्टिफिकेशन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन शनिवार को सहेली प्रशिक्षण केंद्र में किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जयंती लाल मीणा ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य इन व्यवसायों से जुड़े खाद्य कारोबारियों को शिक्षित करना है कि किस प्रकार खाद्य तेलों को उपयोग में लेना है जिस से उनकी गुणवत्ता भी बनी रहे और सेवन से स्वास्थ्य को नुकसान भी नहीं हो। कार्यशाला में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेतराम मीणा एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी पदम सिंह परमार ने व्यापारियों प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला के दौरान बताया गया कि नमकीन, चिप्स, कचोरी, पकोड़ी, समोसे आदि तैयार करने में खाद्य तेल को बार बार गर्म किया जाता है जिस से उसकी गुणवत्ता तो कम होती ही है साथ ही ट्रांस फैट की मात्रा भी बहुत अधिक हो जाती है जो कि स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इस दौरान यूज्ड कुकिंग ऑयल को तीन बार से अधिक नहीं इस्तेमाल करने बाबत सलाह दी गई, तीन बार से ज्यादा इस्तेमाल करने पर तेल में टोटल पोलर कंपाउंड बन जाते हैं जिसे बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता हैं। इस दौरान फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों की उपयोगिता की भी जानकारी दी गई।