शिविर में मनाया विश्व स्वास्थ्य दिवस
फलोदी . दूसरा दशक के तत्वावधान में एपीएफ के सहयोग से फलोदी में संचालित हो रहे चार माही गैर आवासीय किशोरी परीक्षा मार्गदर्शन शिविर में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। शिविर प्रभारी सुश्री कंचन थानवी ने किशोरियों को विश्व स्वास्थ्य दिवस के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि 1948 में विश्व स्वास्थ्य संगठन का गठन न्यूयॉर्क में हुआ था। प्रशिक्षिका सुश्री शैलजा व्यास ने गतिविधि के माध्यम से किशोरियों को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के महत्व को स्पष्ट किया गया। प्रशिक्षिका सुश्री नीलम ने किशोरियों को बताया कि 7 अप्रेल 1950 को विश्व स्वास्थ्य दिवस विधिवत मनाने की शुरूआत की गई। किशोरियों से जब पूछा कि आप अपना व अपने परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान किस प्रकार रखेंगी ? तो पुष्पा ने कहा कि ‘‘ हम अपने घर व आस-पड़ौस की साफ-सफाई का ध्यान रखेंगे। अपने परिवार के सदस्यों के खाने-पीने का विशेष ध्यान रखेंगे‘‘। संगीता ने कहा कि महिलाएं अक्सर अपने घर के कार्यों में इतनी व्यस्त हो जाती है कि अपने खाने-पीने का ध्यान नहीं रख पाती। उन्हें पोष्टिक आहार लेना चाहिए। जैसे - दूध, दही, हरी सब्जियां, दालें, फल आदि। शाईना ने कहा कि माहवारी के दौरान प्रतिदिन नहाना व भ्रम-भ्रांतियों से दूर रहना चाहिए। निश्चित समय के बाद पैड बदलना चाहिए तथा उपयोग किए हुए पैड को नष्ट करना चाहिए। सानिया, निंबू, दिपिका, रक्षा, निकिता, मंजू, कविता, विमला आदि किशोरियों ने स्वास्थ्य को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। रोल प्ले के माध्यम से बशीरों, फिजा, रामप्यारी, शाईना ने स्वास्थ्य के बारे में समझ बनाई।