जिले के चिकित्सा संस्थानों में “वर्ल्ड हाईपर टेंशन डे” का आयोजन
सावाई माधोपुर। वर्ल्ड हाईपर टेंशन डे के अवसर पर शुक्रवार को चिकित्सा संस्थानों में आयोजित स्क्रीनिंग कैम्पों में बड़ी संख्या में आमजन के स्वास्थ्य की जाँच की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धर्मसिंह मीना ने बताया कि उच्च रक्तचाप रोग के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 17 मई को “वर्ल्ड हाईपर टेंशन डे” का आयोजन किया जाता है। इस बार यह “मेजर योवर ब्लड प्रेशर एक्यूरेटली, कंट्रोल इट, लिव लोंगर” थीम पर मनाया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत व विश्व मे हाईपर टेंशन असामयिक मृत्यु के मुख्य कारणों में से एक है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हाईपर टेंशन से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य शिविरों में आए लोगों के स्वास्थ्य की जाँच के साथ ही उन्हें हाईपर टेंशन के बारे में जानकारी देकर इससे बचाव व उपचार के विषय मे समझाया गया। इसके साथ ही जिला मुख्यालय पर एएनएम ट्रेनिंग सेंटर की छात्राओं द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस अवसर पर डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अनिल जैमिनी, अतिरिक्त सीएमएचओ डॉ. कैलाश सोनी, सीएमएचओ कार्यालय व एएनएम ट्रेनिंग सेंटर का स्टाफ व छात्राएं मौजूद रहे।
जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व एनसीडी क्लिनिक में स्क्रीनिंग कैम्पों में बड़ी संख्या में आमजन के स्वास्थ्य की जाँच कर उपचार दिया गया। आमजन को हाईपर टेंशन के प्रति जागरूक करने के लिए पम्पलेट आदि का वितरण किया गया। साथ जागरूकता रैलियां आयोजित की गई। संस्थानों पर उच्च रक्तचाप के कारण, बचाव के उपाय, निदान एवं इलाज के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।
संतुलित जीवनशैली अपना कर इस बीमारी से बचा जा सकता है:- अधिक वजन, मोटापा, तनाव, अत्यधिक नमक एवं शराब के सेवन, गुर्दे की बीमारी अथवा अनुवांशिकता इत्यादि के कारण उच्च रक्तचाप हो सकता है। शारीरिक गतिविधियों में वृधि, संतुलित आहार, फल एवं सब्जियों का भरपूर सेवन नियमित योग करने से उच्च रक्तचाप से बचा जा सकता है। हमें नियमित अंतराल से रक्तचाप की जांच करवाते रहना चाहिए व उच्च रक्तचाप पाए जाने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाइयां भी लेनी चाहिए। दिनचर्या में बदलाव लाने और अच्छा खानपान से सेहत अच्छी रहती है। डिब्बाबंद खाना खाने से बचना चाहिए तथा उचित व्यायाम करने से इस बीमारी से बचा जा सकता है।