जयमल संप्रदाय में पर्वाधिराज पर्युषण की आराधना कल 14 से
नागौर। जैन समाज के जयमल संप्रदाय में पर्युषण पर्व की आराधना 14 अगस्त से प्रारंभ होगी। 8 दिवसीय पर्वाधिराज पर्युषण 21 अगस्त तक चलेंगे। 21 अगस्त को संवत्सरी महापर्व मनाया जाएगा। जयगच्छीय साध्वी प्रमुखा महासती शारदा कंवर, साध्वी रविप्रभा, साध्वी संवेगप्रभा, साध्वी भारतीप्रभा, साध्वी शुभमप्रभा, साध्वी गवेषणा ठाणा 6 के सानिध्य में आराधना होगी। श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में विभिन्न आयोजन होंगे। इस दौरान सुशील धरम आराधना भवन में सुबह 6:15 बजे से प्रार्थना, जयमल जैन पौषधशाला में 8:30 से 9:15 बजे तक अंतगड़ सूत्र वाचन और 9:15 से 10:15 बजे तक प्रवचन, दोपहर 2 से 3 बजे तक आराधना भवन में कल्प सूत्र वाचन और 3 से 4 बजे तक धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन रहेगा। इसके बाद शाम 7:15 बजे से पुरुष वर्ग का प्रतिक्रमण पौषधशाला में व महिला वर्ग का प्रतिक्रमण आराधना भवन में होगा। संघ मंत्री हरकचंद ललवानी ने बताया कि लगातार आठ दिन तक 24 घंटे नवकार महामंत्र का अखंड जाप किया जाएगा। पुरुषों के लिए जाप पौषधशाला में व महिलाओं के लिए आराधना भवन में जाप होगा। संघ के संजय पींचा ने बताया कि पर्युषण पर्व के दौरान श्रावक-श्राविकाएं संवर, पौषध, तपस्या आदि भी करेंगे। गौरतलब है कि जैन धर्म में पर्युषण को पर्वों का राजा कहा जाता है।