शीतला माता की पूजा अर्चना भव्यता के साथ संपन्न हुई
पिलानी. कस्बे में शीतला माता के पावन अवसर पर आज सुबह शीतला माता के मंदिर में अपार भीड़ देखने को मिली महिलाओं के द्वारा शेखावाटी परंपरा को निभाते हुए शीतला माता को मनाते गीत गाते हुए देखने को मिला । प्राचीन लोकगीत "सेंडल सेंडल सैंडल शीतल आए मां" जैसे गीत गाती महिलाओं ने बुधवार की सुबह शीतला माता को धोक लगाई शीतला माता मंदिर में धोक लगाई में ठंडे पकवान से शीतला माता को रिझाया गया सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया जो कि दोपहर तक अनवरत जारी रहा बुधवार की सुबह शीतला माता को रिझाने के लिए महिलाएं गीत गाती मंदिर तक पहुंची वही महिलाओं ने पूरे विश्व के लिए सुख समृद्धि निरोग रहने की कामना की मंगलवार की रात शीतला माता मंदिर में भव्य पूजा-अर्चना का आयोजन भी हुआ बांसेड़ा के दिन मां को रिझाने के लिए लोगों ने खूब पानी बहाया परंपरा के अनुसार शीतला माता की पूजा अर्चना करने के बाद लोग ठंडा पकवान खाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है विशेषकर महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को माता को जल का छिटा देकर सुख समृद्धि की कामना करती है।"धोक ने ऐ मारे शीतला ये मा लापसी कुडारे ये शीतला मा" ये गीत सब से ज्यादा लोक प्रिय है।