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राजस्थान में युवाओं को ना प्रशिक्षण मिला और ना रोजगार: डॉ. अलका गुर्जर

राजस्थान में युवाओं को ना प्रशिक्षण मिला और ना रोजगार: डॉ. अलका गुर्जर

जयपुर । भाजपा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर ने एक बयान जारी कर कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने पिछले 5 सालों तक बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा किया और हजारों युवाओं को रोजगार के नाम पर नरेगा में काम थमा दिया। कांग्रेस सरकार की युवाओं को लेकर गलत नीतियों के कारण ही बेरोजगारी दर देश में सबसे ज्यादा राजस्थान में है। यहां पर पिछले पांच साल से युवा बेरोजगारी भत्ते का इंतजार कर रहे हैं लेकिन उन्हें भत्ता नहीं दिया गया है। वहीं रोजगार मांग रहे युवाओं पर पुलिस बल का प्रयोग भी कांग्रेस शासन में ही देखने को मिला है। हाल यह है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की नीतियों के कारण बेरोजगारी की दर 28.03 फीसदी पहुंच गई है।
भाजपा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर ने कहा कि सरकार के विभागीय पोर्टल के अनुसार वर्ष 2019 में 602136, वर्ष 2020 में 189940, वर्ष 2021 में 163840 एवं वर्ष 2022 में 156055 बेरोजगार आशार्थी ऑनलाईन पंजीकृत हुए है। सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के लिए बजट में 100 मेगा जॉब शिविर आयोजित करने की घोषणा की लेकिन इसके आधे जॉब शिविर भी नहीं लग पाए। इतना ही नही इन मेगा जॉब शिविर में युवाओं को चौकीदारी और अकुशल श्रमिक के ही कार्य दिए गए है। इससे सरकार ने आंकडे तो बढा लिए लेकिन सही मायने में युवा रोजगार से दूर ही रहा है।
भाजपा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर ने कहा कि राज्य में पिछले 5 सालों में राज्य सरकार की ओर से 1044 रोजगार सहायता शिविर लगाए गए लेकिन इसमें भी किसी भी युवा को योग्यता के अनुसार रोजगार नहीं मिला है। इसके अलावा प्रदेश में जनवरी तक पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या भी 18 लाख से अधिक रही है और प्रतिवर्ष बेरोजगारी भत्ता पाने वाले युवाओं की संख्या इसका दस फीसदी ही रहा है। बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को संबल योजना के नाम पर सरकारी कार्यालय में बैठा दिया गया जिसके कारण वह रोजगार की तलाश करने से भी चूक गया। सरकार की इन्हीं गलत नीतियों का नतीजा रहा कि युवाओं को निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरियों से दूर रहना पडा है।

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