18वां जी 20 शिखर सम्मेलन
जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन भारत में 9और10 सितंबर को प्रगति मैदान नई दिल्ली में किया गया।जी-20 की शुरुआत 1997 में एशियाई वित्तीय संकट में हुई 26 सितंबर 1999 को इसकी स्थापना की गई इसके सदस्य देशों के शासनाध्यक्ष वर्ष में एक बार शिखर सम्मेलन में इकट्ठा होते हैं और दुनिया के आर्थिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन,सतत विकास,स्वास्थ्य,कृषि,ऊर्जा, भ्रष्टाचार,पर्यावरण जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हैं जी-20 में 19 देश शामिल हैं अर्जेंटीना,ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील,कनाडा,चीन,फ्रांस, जर्मनी,भारत,इंडोनेशिया,इटली, जापान,रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया,मेक्सिको,रूस,सऊदी अरब,दक्षिण अफ्रीका,तुर्की, यूनाइटेड किंगडम,अमेरिका और ईयू (यूरोपीय संघ) जिसमें यूरोप महाद्वीप के27 देश शामिल हैं यह जी-20 का 20वां सदस्य है। यह औद्योगिक और विकासशील देशों का संगठन है। जिनकी विश्व के85 प्रतिशत उत्पादन में हिस्सा है और 75% व्यापार में भी इनकी हिस्सेदारी है।जी-20 शिखर सम्मेलन 2023 की थीम:-वसुधैव कुटुम्बकम,एक पृथ्वी,एक परिवार,एक भविष्य रही है।
इस सम्मेलन के जरिये भारत इस विचार को भी बल देना चाहता है कि वह सिर्फ अपने बारे में ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व के बारे में सोच रहा है।
जी-20 के प्रमुख उद्देश्य:-
(1) समावेशी,न्याय संगत और सतत विकास
(2)पर्यावरण के लिए जीवन शैली।
(3) महिला सशक्तिकरण।
जी-20 का 17 शिखर सम्मेलन2022में इंडोनेशिया की राजधानी वाली में हुआ था।भारत को एक सामरिक,आर्थिक, मानवीय दृष्टि से विश्व मंच पर एक शक्ति के रूप में उभारना सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य रहा है।
सम्मेलन में प्रमुख अतिथि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फुमियो किशिदा जापान के प्रधानमंत्री, शेख हसीना बांग्लादेश की प्रधानमंत्री,रामाफोसा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति,मार्क रूटे नीदरलैंड के प्रधानमंत्री,लूला-डी- सिल्वा राष्ट्रपति ब्राज़ील,ओलाफ स्कोल्जर जर्मनी चांसलर,ज्यो बाइडेन अमेरिका राष्ट्रपति, जस्टिन टूडों प्रधानमंत्री कनाडा, इमैनुएल मैको राष्ट्रपति फ्रांस आदि प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल रहे।
इस सम्मेलन में भारत के सेरपा अमिताभ कांत थे। शेरपा से तात्पर्य किसी देश की तरफ से शामिल होने वाले व्यक्तिगत प्रतिनिधि को शेरपा कहा जाता है।
जी-20 शिखर सम्मेलन के प्रथम दिन 9 सितंबर को कई बड़ी घोषणाएं हुई जिनमें प्रमुख निम्न है:-
(1) अफ्रीका यूनियन को जी-20 में शामिल करना:- भारत के प्रयासों से 55 देश के संघ अफ्रीकन यूनियन को जी-20 की सदस्यता मिलना जिससे इसका नाम जी-20 के स्थान पर जी-21 हो गया है। अफ्रीकन देशों की सदस्यता से ग्लोबल साउथ में भारत की ताकत बढ़ेगी। ईयू यूरोपीय संघ जो की 27 सदस्यीय है जी-20 का पहले से ही सदस्य हैं।अफ्रीकन यूनियन के सभी55 देश अफ्रीका महाद्वीप के हैं इसकी स्थापना भी जी-20 की तरह 1999 में हुई थी।
(2) नई दिल्ली घोषणा पत्र:- इस सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि नई दिल्ली घोषणा पत्र है।क्योंकि रूस यूक्रेन युद्ध के कारण विश्व के अधिकांश देश दो खेमों में बंटे हुये हैं।जी-20 के सभी सदस्य देशों के पास वीटो पावर है।अगर घोषणा पत्र पर एक भी सदस्य वीटो का इस्तेमाल करता है और असहमत होता है तो घोषणा पत्र नामंजूर हो जाता पर भारत ने कूटनीति का परिचय देते हुए घोषणा पत्र पर 100 फीसदी सहमति हासिल की।घोषणा पत्र में रूस यूक्रेन युद्ध का जिक्र तो है पर रूस का नाम नहीं लिया गया बल्कि यूक्रेन युद्ध कहा गया है। 37 पेज का घोषणा पत्र जिसमें कुल83 पैराग्राफ है घोषणा पत्र पर सहमति बनाना इसलिए भी खास है।क्योंकि नवंबर 2022 में इंडोनेशिया सबमिट में घोषणा पत्र पर रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी।रूस और चीन में इस युद्ध के बारे में की गई टिप्पणियों को लेकर अपने आप को इस सबमिट से अलग कर लिया था। और अपनी असहमति लिखित में दी थी जिसके कारण इंडोनेशिया सबमिट पारित नहीं हो पाया था।
घोषणा पत्र में यह लिखा गया था कि सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर में लिखे मकसद और मूल्यों के अनुसार काम करना चाहिए।सभी देशों को किसी अन्य देश की क्षेत्रीय अखंडता,संप्रभुता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ अधिग्रहण की धमकी या बल प्रयोग के इस्तेमाल से बचना चाहिए। परमाणु हथियारों के इस्तेमाल या इसकी धमकी देना भी किसी हालत में मंजूर नहीं होगा।
3 सभी देशों को आतंकवाद के प्रत्येक रूप की आलोचना की गई।आतंकवाद शब्द का घोषणा पत्र में नौ बार जिक्र हुआ।
4.मजबूत,टिकाऊ,संतुलित व समावेशी विकास भारत की पहल पर।
5.सतत विकास के लिए हरित विकास समझौता।
6.21वीं सदी के लिए बहुपक्षीय संस्थान।
7.ग्लोबल वायोफ्यूल एलाइंस की शुरुआत:-इसके संस्थापक सदस्य भारत,अमेरिका,ब्राजील होंगे।स्वच्छ ऊर्जा के लिए भारत की अगुवाई में ग्लोबल बायोफ्युल एलाइंस लॉन्च किया गया।जिससे तेल उत्पादक देश के संगठन ओपेक की मनमानी रोकने में मदद मिलेगी यह एलाइंस दुनिया के वैकल्पिक स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देगा इस एलायंस में भारत,अमेरिका,ब्राजील तीनो देशों के अलावा 11 अन्य देश भी इस अलायंस में और जुड़ेंगे यह एलायंस ग्लोबल स्तर पर पेट्रोल के साथ एथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत तक ले जाने की अपील भी करेगा।
8.जी20 के सदस्य देश पर्यावरण,क्लाइमेट चेंज और विकास पर साथ आएंगे।
9.लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण पर जोर।
10 महिला सशक्तिकरण के लिए नए कार्य समूह पर सहमती।
11 क्रिप्टो करेंसी के विनिमय पर सदस्य देशों की सहमति।
12 घोषणा पत्र में भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति(न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020)के केंद्र में शिक्षा और कौशल फोकस का समर्थन किया गया भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 संचालित शिक्षा और कौशल फोकस का समर्थन करती है। सभी को शिक्षा के अवसर मिले,क्वालिटी एजुकेशन मिले और नई तकनीकि का शिक्षा में प्रयोग किया जाये।राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूलभूत उद्देश्य साक्षरता संख्यात्मक और ए आई जैसी नई तकनीक जीवन भर सीखने के रूप में कौशल स्कूल ट्रेनिंग के महत्व को शामिल किया गया। और घोषणा पत्र में भी इन मुद्दों को अहमियत दी गई।
घोषणा पत्र में कहा गया कि ए आई समेत एडवांस तकनीक की जानकारी शिक्षा संस्थानों को आवश्यक रूप से दी जानी चाहिए उच्च स्तरीय तकनीकी और वोकेशनल एजुकेशन ट्रेनिंग को भी विशेष रूप से शामिल किया जाये साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति में वोकेशनल ट्रेनिंग को समय की जरूरत बताया गया।
13.मिडिल ईस्ट कॉरिडोर से मात खाएगा चीन:-भारत अमेरिका,यूएई,सऊदी अरब, फ्रांस,जर्मनी,इटली और यूरोपियन यूनियन इयू ने एशिया और यूरोप को जोड़ने के लिए भारत मध्य पूर्व यूरोप इकोनामिक कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इस कॉरिडोर से जुड़े एक मेमोरेंडम पर साइन किए गये इस कॉरिडोर को चीन की वी आई पालिसी का जवाब माना जा रहा है। इस गलियारे में दो अलग-अलग गलियारे हैं।ईस्टन कॉरिडोर तो भारत के पश्चिमी तट पर मुंद्रा भारतीय बंदरगाह को यूएई के फूजैराह बंदरगाह से जोड़ेगा। फिर सऊदी अरब और जॉर्डन के रास्ते रेल मार्ग के जरिये कंटेनरों को हाइफा के इजरायली बंदरगाह तक ले जाया जायेगा। इसके बाद वेस्टर्न कॉरिडोर हाईफा से होगा और यहां से भारत का सामान फ्रांस के मार्सिले, इटली और ग्रीस के बंदरगाहों तक पहुंचेगा इस कॉरिडोर में सऊदी अरब और यू-ए-ई के शामिल होने से पाकिस्तान वैश्विक आर्थिक मोर्चे पर अलग-थलग पड़ जायेगा और भारत की पहुंच सीधे अरब देशों और यूरोप तक हो जाएगी।
भारत ने अंतिम दिन जी20 की कमान ब्राजील को सौंप दी। कमान गैंवल एक प्रकार का हथौड़ा ग्रहण करते हुए ब्राजील के राष्ट्रपति लूला-डी-सिल्वा नें प्रेसीडेंसी गैंवल ग्रहण करते हुए उम्मीद जताई कि ब्राजील जी20 के लक्ष्यो को आगे बढ़ायेगा गैवल ग्रहण करते समय जी20 की परंपरा के अनुरूप भारत से पहले प्रेसीडेंसी संभालने वाले देश इंडोनेशिया और भारत के बाद प्रेसिडेंट की संभालने वाले देश ब्राजील के शासनाअध्यक्षो ने भारत के प्रधानमंत्री को पौधे भेट कर स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया।
सम्मेलन में साइबर जगत के आतंकवाद के नए माध्यम और फंडिंग के तौर तरीकों किस तरह मिल रहे हैं साइबर सुरक्षा आज प्रत्येक देश की सुरक्षा और समृद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय बन गया है। जी-20 विकासशील और गरीब मुल्कों को तबज्जो देने वाला संगठन बना है।
20 शिखर सम्मेलन में भारत की पांच कामयाबियां:-
1. ग्लोबल साउथ को मान्यता।
2. मध्यस्थ की हैसियत रूस यूक्रेन युद्ध में।
3. बड़ी मोल भाव की क्षमता।
4. चीन सऊदी अरब का विकल्प बायोफ्यूल एलायंस।
5. आने वाला समय भारत का।