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कैंप में हुआ 30 वर्ष पुराने मामले का फैसला

कैंप में हुआ 30 वर्ष पुराने मामले का फैसला

 
 रतनगढ़ । राज्य सरकार की विशेष पहल प्रशासन गाँवों के संग अभियान के प्रति आमजन का विश्वास गहरा हुआ है क्योंकि शिविरों में वर्षों से अटके हुए काम हो रहे हैं और लोगों के समय और पैसे की बचत हो रही है। तहसील के ग्राम  भावनदेसर पंचायत मुख्यालय पर हुए प्रशासन गांवों के संग कैंप में नूवां गाँव के चतरसिंह पुत्र मालसिंह, नरपतसिंह, सुमन कंवर पुत्र-पुत्री हनुमानसिंह, विनोद कंवर पत्नी हनुमानसिंह, भगवानसिंह लादूसिंह पुत्रगण मंगेजसिंह आदि खातेदारों के वर्षों से चले आ रहे दावे का फैसला हुआ। शिविर में उपस्थित होकर परिवादियों ने शिविर प्रभारी  एसडीएम अभिलाषा को बताया कि मालसिंह व मंगेजसिंह संगे भाई थे, जिन्होंने आपसी सहमति से 30 वर्ष पूर्व अपनी खातेदारी भूमि का खाता विभाजन कराया था। अशिक्षित होने के कारण सहमति से खाता विभाजन के समय अपनी खातेदारी भूमि में तरमीम सहीं नहीं करवा पाये।  खाता विभाजन के कुछ समय बाद जब किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए गए, तब पता चला कि हनुमानसिंह का हिस्सा मंगेजसिंह के व मंगेजसिंह का हिस्सा हनुमानसिंह के राजस्व अभिलेख में दर्ज है और नक्शे में भी गलत तरमीम हो गई है। कई बार ग्राम पंचायत एवं कोर्ट कचहरी जाने सहित आवश्यक कार्यवाही भी की। अंत में उपखंड न्यायालय में घोषणात्मक व रिकॉर्ड दुरुस्ती का दावा पेश किया, परंतु आदिनांक तक खाता विभाजन सही नहीं हुआ। गुरुवार को ग्राम पंचायत में आयोजित कैंप में सभी वादी व प्रतिवादियों ने पेश होकर राजीनामा पेश किया, जिस पर उपखंड अधिकारी ने ग्राम के मजमेआम में सुनवाई की तथा उपखण्ड न्यायालय में चले आ रहे दावे व राजस्व रिकॉर्ड का निर्णय किया। निर्णय में एडवोकेट पवन प्रजापत का योगदान सराहनीय रहा।  तहसीलदार बजरंगलाल के निर्देशन में उपखंड अधिकारी न्यायालय द्वारा जारी डिक्री के निर्णय की पालना करवाई गई। निर्णय सुनने के बाद वादी व प्रतिवादी की आंखों में खुशी के आंसू छलक आये। वादी-प्रतिवादियों ने कहा कि  हमें तो विश्वास ही नहीं हो रहा था कि हमारा वर्षों से चला आ रहा गलत अभिलेख हाथोंहाथ सही हो गया। सभी लाभार्थियों ने अधिकारी, कर्मचारियों तथा राजस्थान सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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