8वां वेतन आयोग संकेत, कर्मचारियों में उत्साह
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8वें वेतन आयोग के लिए हाई पावर कमेटी का गठन होगा।
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नई ग्राम पंचायतों को 3000 करोड़ की विकास राशि।
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होमगार्ड भर्ती बढ़ेगी, साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर बनेगा।
जयपुर। राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर सरकारी कर्मचारियों, किसानों और ग्रामीण ढांचे पर पड़ेगा। सबसे ज्यादा चर्चा 8वें वेतन आयोग को लेकर है। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने साफ किया कि आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाई जाएगी। इस घोषणा के बाद कर्मचारियों में उत्सुकता बढ़ गई है।
ग्रामीण विकास को भी इस बजट में खास प्राथमिकता दी गई है। राज्य की 3467 नई ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए 3000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही ग्रामदानी गांवों के किसानों को खातेदारी अधिकार देने का फैसला लिया गया है, जिससे लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद है।
प्रशासनिक सुधारों की दिशा में भी सरकार ने कदम बढ़ाए हैं। मुख्य सचिव कार्यालय में डिरेगुलेशन सेल स्थापित की जाएगी। डिजिटल धोखाधड़ी और बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर खोला जाएगा।
शहरी सुरक्षा और रोजगार को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड की संख्या बढ़ाकर 5000 करने का निर्णय लिया गया है। उपनिवेशन विभाग को समाप्त कर राजस्व विभाग में मिलाया जाएगा, जिससे कामकाज में तेजी आएगी। गृह विभाग के रिवॉल्विंग फंड को भी बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
इसके अलावा बेहतर काम करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टेट पंचायत अवॉर्ड’ शुरू किया जाएगा। वहीं, शेखावाटी क्षेत्र तक हथनीकुंड से यमुना जल पहुंचाने के लिए 32 हजार करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना पर काम जल्द शुरू होने की बात कही गई है।
इन घोषणाओं से साफ है कि सरकार प्रशासनिक मजबूती, ग्रामीण विकास और कर्मचारियों के हितों को एक साथ साधने की कोशिश में जुटी है।