राजस्थान बजट : सड़कों पर 1800 करोड़, बदलेगा ट्रैफिक का हाल
-
सड़क विकास योजना के लिए 1800 करोड़ रुपये का बजट
-
आरओबी निर्माण योजना से ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
-
42 हजार किमी सड़क नेटवर्क लक्ष्य तय
जयपुर। राजस्थान सरकार के तीसरे बजट में इस बार इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बड़ा दांव खेला गया है। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए सड़कों और रेलवे ओवरब्रिज के विस्तार को सरकार की प्राथमिकता बताया।
सरकार ने राज्य में सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की है। इसमें नॉन-पैचेबल सड़कों को दुरुस्त करने, अधूरे लिंक मार्गों को जोड़ने और नए संपर्क मार्ग बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बारिश के कारण खराब हुई सड़कों की मरम्मत के लिए अलग से 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, अटल प्रगति पथ परियोजना के तहत 250 नई परियोजनाओं पर भी काम शुरू किया जाएगा, जिन पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने इस साल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में रिकॉर्ड पूंजीगत निवेश किया है। करीब 3,400 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च अब तक किया जा चुका है, जो प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देगा।
नए बजट के तहत 16,000 किलोमीटर से ज्यादा नई सड़कों को जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में राज्य का कुल सड़क नेटवर्क बढ़कर 42 हजार किलोमीटर तक पहुंच जाए।
दीया कुमारी ने कहा कि बेहतर सड़कों से न सिर्फ आम लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
अगर पिछले बजट पर नजर डालें, तो सरकार ने रोजगार और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी कई बड़े फैसले लिए थे। रोजगार नीति, नए पदों का सृजन, पोषण योजनाएं और कृषि से जुड़ी परियोजनाएं उसी का हिस्सा थीं, जिनका असर अब जमीन पर दिखने लगा है।
सरकार का दावा है कि नए बजट में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाकर गांव से शहर तक की दूरी कम की जाएगी और प्रदेश के विकास को नई दिशा दी जाएगी।