राजस्थान में चुनाव की तिथि के बारे में एक विनम्र अपील
सीकर। सभी राजनीतिक दलों सामाजिक संगठनों प्रबुद्ध नागरिकों व आम लोगों से करबद्ध निवेदन है कि 23 नवंबर को राजस्थान में देवोत्थान एकादशी का सबसे बड़ा अबूझ विवाह मुहूर्त है जिसमें बड़े पैमाने पर विवाह समारोह आयोजित किए जाते हैं। बाबूलाल शर्मा संयोजक यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियंस, सीकर एक विनम्र अपील की चातुर्मास के पश्चात यह पहला बड़ा सावा होता है, जिसमें ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के किसान व आम लोग अपने परिवारों में अपने बच्चे बच्चियों की शादी तय करते हैं। इस दिन राजस्थान का लगभग प्रत्येक नागरिक कहीं न कहीं विवाह मे शामिल होता है। इस दिन लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध होता है। जिसमें हलवाई, कैटर्स, टेंट, डीजे, बैंड वाले, फूल, साज सज्जा वाले, वाहन रखने वाले, अन्य सभी तरह के कार्य करने वाले लोगों की आवश्यकता इस आयोजन में पड़ती है। अत: इस दिन मतदान तिथि होने के कारण बड़े पैमाने पर लोग मतदान से वंचित रहेंगे। इसी दिन खाटूश्यामजी व पुष्कर जैसे बड़े मेले भी आयोजित होते हैं जिसमें लाखों की संख्या में लोग अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। अत: इस परिस्थिति मे मतदान प्रतिशत निश्चित तौर पर कम होने की संभावना है। राजस्थान के सामाजिक ताने-बाने को ध्यान में रखते हुए सभी जागरूक नागरिकों से विनम्र अपील है कि शासन प्रशासन के माध्यम से चुनाव आयोग को जनमानस की भावना से अवगत कराते हुए राजस्थान में मतदान की तिथि को दो-तीन दिन आगे या पीछे करने का निवेदन किया जाए। ताकि सामाजिक समरसता बनी रहे एवं यहां के नागरिक अपने परिवारों व रिश्तेदारी में होने वाले विवाह समारोह में सम्मिलित होकर अपना दायित्व निभा सकें। ऐसा होने पर चुनाव कार्य में लगे हुए कर्मचारी अधिकारी भी अपना सामाजिक दायित्व पूरा करने में सक्षम होंगे। आशा है, आप सब इस विषय की गंभीरता को समझते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठायेंगे।