बरसात से पहले एक्शन मोड में प्रशासन, अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश
Sri Ganganagar : आगामी मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। सोमवार को जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, विकास कार्यों और बजट घोषणाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बरसात के मौसम से जुड़ी व्यवस्थाएं प्रमुख रूप से चर्चा का विषय रहीं। जिला कलक्टर ने नगर निकायों और संबंधित विभागों को नालों की नियमित सफाई, जल निकासी की व्यवस्था तथा सड़कों पर बने गड्ढों की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी कार्यालयों और भवनों की छतों की सफाई तथा लीकेज संबंधी समस्याओं के समय रहते समाधान पर भी जोर दिया गया।
हरियालो राजस्थान अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पौधारोपण और उससे जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान छात्रवृत्ति वितरण, मिड-डे मील भुगतान, आरटीई के तहत सत्यापन और विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने की स्थिति पर चर्चा हुई। असुरक्षित विद्यालय भवनों को हटाने और मरम्मत योग्य भवनों की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया।
बिजली विभाग को मानसून के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित विद्युत आपूर्ति बहाल करने, झूलते तारों को ठीक करने तथा बिजली लाइनों के आसपास जोखिम पैदा करने वाले पेड़ों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं पीएम सूर्यघर योजना, ग्रामीण एवं शहरी विद्युत कनेक्शन और कृषि कनेक्शनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
जलदाय विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए एफएचटीसी और अमृत 2.0 योजना के तहत चल रहे कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। नगर परिषद को जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, सड़क किनारे बने गड्ढों की मरम्मत करने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
चिकित्सा विभाग की समीक्षा में जिला कलक्टर ने राजकीय चिकित्सालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर जलभराव की समस्या को प्राथमिकता से दूर करने के निर्देश दिए। इसके अलावा एसटीपी, लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम, जिम और सर्किट हाउस जैसे निर्माण कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
बैठक में कृषि विभाग द्वारा फार्मर आईडी निर्माण अभियान और कोबरा वायर हटाने की कार्रवाई की समीक्षा की गई। साथ ही राजस्थान संपर्क पोर्टल, मुख्यमंत्री कार्यालय और वीवीआईपी संदर्भों से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। आगामी एनसीवीटी मुख्य प्रायोगिक परीक्षा की व्यवस्थाओं को लेकर भी अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।