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लोक अदालत की सफलता में अधिवक्तागण भी दें अपना योगदान - जिला न्यायाधीश

लोक अदालत की सफलता में अधिवक्तागण भी दें अपना योगदान - जिला न्यायाधीश

राजसमन्द. दिनांक 13.05.2023 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए ‘अधिवक्तागण भी दें अपना योगदान’ ये विचार दिनांक 20.04.2023 को बार एसोसिएशन सभागार में आयोजित मीटिंग में जिला न्यायाधीश श्री आलोक सुरोलिया, ने व्यक्त किए। बैठक में श्री सुरोलिया ने विचार व्यक्त किए कि न्यायालय में लंबित प्रकरण को अधिवक्तागण के सकारात्मक सहयोग से ही राजीनाना के माध्यम से अधिक संख्या में निस्तारित किये जा सकते हैं। उन्होंने यह भी विचार व्यक्त किए कि न्यायालय में पक्षकारों की ओर से उनका पक्ष रखने के लिए अधिवक्तागण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं एक अधिवक्ता ही उनके पक्षकार को लोक अदालत के फायदों के बारे में समझा सकता है। लोक अदालत में प्रकरणों के निस्तारण से दोनों ही पक्षों की जीत होती है और पक्षकारों द्वारा अदा की गई कोर्ट फीस भी पक्षकारान् को वापस मिल जाती है और सौहार्दपूर्ण वातावरण में प्रकरण के निस्तारण से संबंध भी मधुर बने रहते हैं ये अपने पक्षकार को अधिवक्ता ही समझा सकते हैं। उन्होंने सभागार में उपस्थित बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, श्री ललित साहू एवं समस्त अधिवक्तागण को सभी प्रकार के राजीनामा योग्य प्रकरण को न्यायालय में राजीनामा के माध्यम से निस्तारित किए जाने का आह्वान किया।


बैठक में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, श्री ललित साहू ने भी विचार व्यक्त किए कि वे लंबे समय से विधिक सेवा से जुड़े हुए हैं। अधिवक्ता प्रकरण को राजीनामे की तरफ ले जाने के लिए अधिवक्ता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने उपस्थित अधिवक्तागण को संबोधित करते हुए कहा कि राजीनामे के माध्यम से निस्तारित होने वाले प्रकरण को चिन्हित करवाकर वे राष्ट्ीय लोक अदालत में अपना योगदान देवें।
बैठक में एमएसीटी न्यायालय के न्यायाधीश श्री सुरेन्द्र पुरोहित, पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश, श्री संतोष कुमार मित्तल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री मनीष कुमार वैष्णव, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश, श्री जितेन्द्र कुमार गोयल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्ेट श्रीमती गीता पाठक एवं जिला मुख्यालय पर पदस्थापित न्यायिक अधिकारीगण तथा बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष श्री हर्षवर्धन सिंह राठौड़ सहित अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी की बैठक आयोजित
 
अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमंद श्री आलोक सुरोलिया की अध्यक्षता में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट संख्या 406/2013 रे-इन ह्यूमन कन्डीशन्स 1382 प्रिजन्स में दिए गए आदेशों के क्रम में अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की बैठक दिनांक 20.04.2023 को जिला एवं सेशन न्यायाधीश, राजसमंद के अवाकाशागार में  आयोजित की गई । अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी के सम्बन्ध में जारी एस.ओ.पी. के कुल 15 बिन्दुओं पर गहन विचार-विमर्श करने के पश्चात् 12 प्रकरणों शीघ्र निस्तारण किए जाने  अथवा  एस.ओ.पी. में वर्णित अनुसार जमानत पर रिहा किए जाने के सम्बन्ध में अनुशंसा की गयी एवं पूर्व मिटिंग में की गयी पूर्व में की गयी अनुशंसा पर अनुशंसा पर 04 बंदियों को रिहा किया गया।

न्यायाधीश ने किया शिशु गृह का औचक निरीक्षण ं          
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मनीष कुमार वैष्णव, राजसमंद द्वारा औचक निरीक्षण कर शिशु गृह की सफाई, आवास एवं अन्य व्यवस्थाओं का आंकलन किया।  
  अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मनीष कुमार वैष्णव, द्वारा शिशु गृह का निरीक्षण  किया गया।  वक्त निरीक्षण गृह में 2 शिशु आश्रयरत पाये गये। जिनमें से एक की उम्र 4 माह एवं अन्य दूसरे की उम्र लगभग 3 माह है।  डॉ. सारंाश सबंल द्वारा दिनांक 08.04.2023 को शिशु का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसमें बालक स्वस्थ पाया गया तथा टीकाकरण समय अनुसार पूर्ण होना बताया। श्री वैष्णव ने गृह में शिशुओं के कमरें का तापमान शिशुओं के अनुकूल रखने एवं  गर्मी के मौसम के मध्यनजर शिशुओं को सूती कपड़े में रखने के निर्देश दिये।  शिशु गृह की सफाई व्यवस्था संतोषजनक पायी गयी।  वक्त निरीक्षण केयर टेकर श्री प्रकाश चंद्र सालवी उपस्थित रहे एवं निरीक्षण में सहयोग किया।

 

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