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विहिप एवं बजरंग दल के तत्वाधान में अहिल्याबाई की जयंती मनाई

विहिप एवं बजरंग दल के तत्वाधान में अहिल्याबाई की जयंती मनाई

सुनेल. सुनेल में बुधवार को विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के तत्वाधान में अहिल्याबाई की जयंती के अवसर पर बस स्टैंड स्थित अहिल्या बाई की प्रतिमा पर शाम 6 बजे माल्यार्पण कर पूजा की गई । इस दौरान विहिप के पदाधिकारियों ने बताया कि अहिल्याबाई ने अपने राज्य की सीमाओं के बाहर भारत-भर के प्रसिद्ध तीर्थों और स्थानों में मन्दिर बनवाए, घाट बँधवाए, कुओं और बावड़ियों का निर्माण किया, मार्ग बनवाए-सुधरवाए, भूखों के लिए अन्नसत्र (अन्यक्षेत्र) खोले, प्यासों के लिए प्याऊ बिठलाईं, मन्दिरों में विद्वानों की नियुक्ति शास्त्रों के मनन-चिन्तन और प्रवचन हेतु की। और, आत्म-प्रतिष्ठा के झूठे मोह का त्याग करके सदा न्याय करने का प्रयत्न करती रहीं-मरते दम तक। ये उसी परम्परा में थीं जिसमें उनके समकालीन पूना के न्यायाधीश रामशास्त्री थे और उनके पीछे झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई हुई। अपने जीवनकाल में ही इन्हें जनता ‘देवी’ समझने और कहने लगी थी। इतना बड़ा व्यक्तित्व जनता ने अपनी आँखों देखा ही कहाँ था। जब चारों ओर गड़बड़ मची हुई थी। शासन और व्यवस्था के नाम पर घोर अत्याचार हो रहे थे। प्रजाजन-साधारण गृहस्थ, किसान मजदूर-अत्यन्त हीन अवस्था में सिसक रहे थे। उनका एकमात्र सहारा-धर्म-अन्धविश्वासों, भय त्रासों और रूढि़यों की जकड़ में कसा जा रहा था। न्याय में न शक्ति रही थी, न विश्वास। ऐसे काल की उन विकट परिस्थितियों में अहिल्याबाई ने जो कुछ किया-और बहुत किया। वह चिरस्मरणीय है। इस कार्यक्रम के दौरान विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता ग्रामीण एवं अन्य संगठन के कार्यकर्ता मौजूद थे।

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