राष्ट्र निर्माण में अंबेडकर के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा-छगन माहुर
कोटा. झालावाड प्रभारी छगन माहुर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अम्बेडकर जयंती के अवसर पर कलेक्ट्री चौराहे पर डाॅ बीआर अम्बेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। माहुर ने कहा कि सामाजिक लोकतंत्र के बिना राजनैतिक लोकतंत्र की कल्पना अधूरी है। बाबा साहेब की प्रेरणा से ही किसानों, दलितों, महिलाओं और समाज के गरीब तबके की आवाज बुलंद हुई। डॉ.भीमराव अंबेडकर का भारत की आजादी में बढ़ा योगदान है। उन्होंने देश का संविधान बनाने में अहम भूमिका निभाई है। वे भारत के सबसे प्रमुख समाज सुधारको में से एक थे। जाति व्यवस्था द्वारा उत्पन्न असमानताओं के खिलाफ लड़ाई के लिए भी वे जाने जाते हैं। बाबा साहेब की पहचान एक न्यायविद अर्थशास्त्री राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक के रूप में रही है इस दिन को समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। क्योंकि जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले आंबेडकर को समानता और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।
भारतीय संविधान की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए माहुर ने कहा कि भारतीय संविधान विश्व के अन्य संविधानों से सर्वोत्तम है। क्योंकि इसमें कठोरता एवं लचीलापन का समन्वय है।डॉ. भीमराव अंबेडकर का सपना था कि भारत जाति-मुक्त हो. उनका मानना था कि वर्गहीन समाज गढ़ने से पहले समाज को जाति विहीन करना जरूरी है. आज महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए हमारे पास जो भी संवैधानिक सुरक्षा कवच, कानूनी प्रावधान और संस्थागत उपाय मौजूद हैं उसका श्रेय डॉ. अंबेडकर को जाता है माहुर ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का सपना था कि भारत जाति-मुक्त हो. उनका मानना था कि वर्गहीन समाज गढ़ने से पहले समाज को जाति विहीन करना जरूरी है. आज महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए हमारे पास जो भी संवैधानिक सुरक्षा कवच, कानूनी प्रावधान और संस्थागत उपाय मौजूद हैं उसका श्रेय डॉ. अंबेडकर को जाता है।
माल्यार्पण में प्रमुख रूप से स्टेशन मंडल अध्यक्ष रमेश शर्मा चाचा, रेलवे कॉलोनी महेन्द्र सिंह, मंडल महामंत्री अमित गौतम, सत्य प्रकाश शर्मा, राजकुमार,विकास सक्सेना , उमेश सोलंकी, राजेश नागर, शुभम शर्मा, राजीव वर्मा, गोविंद लोधा, सलमान,जतिन सहित अनेकों कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण किया।