Amnesty ने भारत में मुसलमानों के घरों के ‘गैरकानूनी विध्वंस’ को रोकने का आह्वान किया
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बुधवार को कहा कि बुलडोजर और अन्य मशीनों के इस्तेमाल से मुसलमानों के घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और इबादत स्थलों को बड़े पैमाने पर ‘‘गैरकानूनी तरीके से ढहाना’’ तुरंत बंद किया जाना चाहिए।गैर सरकारी संगठन ने दो रिपोर्ट जारी की हैं जिनमें मुस्लिम समुदाय के लोगों की संपत्तियों के ‘‘दंडात्मक विध्वंस’’ का दस्तावेजीकरण किया है। इन दोनों रिपोर्ट का शीर्षक ‘‘यदि आप बोलेंगे, तो आपका घर ध्वस्त कर दिया जाएगा: भारत में बुलडोजर अन्याय’’ और ‘‘भारत में बुलडोजर अन्याय में जेसीबी की भूमिका एवं जिम्मेदारी’’ है।
संगठन का आरोप है कि देश के कम से कम पांच राज्यों में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ घृणा अभियान में जेसीबी बुलडोजर या खुदाई करने वाली मशीनों का व्यापक उपयोग होता है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से आह्वान किया कि वे न्यायेतर दंड के रूप में लोगों के घरों को ध्वस्त करने की नीति को तुरंत रोकें और यह सुनिश्चित करें कि जबरन बेदखली के परिणामस्वरूप कोई भी बेघर न हो।