चिंटेल्स पैराडिसो का एक और टावर ‘असुरक्षित’ घोषित, खाली कराने के आदेश
गुरुग्राम के सेक्टर-109 में चिंटेल्स पैराडिसो सोसायटी के एक और टावर को जिला प्रशासन की समिति ने ‘‘असुरक्षित’’ घोषित कर दिया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-दिल्ली की एक टीम द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को टावर ‘जे’ आवासीय सोसाइटी के आठ टावर में से छठा ऐसा टावर बन गया, जिसे रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है।
दस फरवरी, 2022 को चिंटेल्स पैराडिसो सोसाइटी के टावर ‘डी’ की छह मंजिलें आंशिक रूप से ढह गईं, जिससे दो महिला निवासियों की मौत हो गई थी। तब से, निर्माण स्थल बिल्डर और निवासियों के बीच विवाद का विषय बना हुआ है।
पिछले साल नवंबर में इसी असुरक्षित टावर की चार बालकनी ढह गई थीं। 17 दिसंबर को तीन और बालकनी ढह गईं। सहायक उपायुक्त हितेश कुमार मीना ने कहा कि रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी गई है और जगह खाली करने का नोटिस दे दिया गया है।
मीना ने कहा कि टावर ‘जे’ की संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट तीन दिन पहले आईआईटी-दिल्ली द्वारा जिला प्रशासन को सौंपी गई थी। सोसायटी के रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के राकेश हुड्डा ने दावा किया कि जिला प्रशासन ने आईआईटी-दिल्ली की सिफारिशों पर विचार किए बिना टावर ‘जे’ को असुरक्षित घोषित कर दिया। उनके मुताबिक, आईआईटी-दिल्ली ने पहले मरम्मत की सिफारिश की है।