आर्यिका संघ का टोंक में हुआ भव्य मंगल प्रवेश
टोंक (हुक्मनामा समाचार)। आचार्य विमल सागर जी महाराज की शिष्या गणिनी आर्यिका भरतेश्वर मति ससंघ का मंगल प्रवेश शनिवार को पांच मंदिर पुरानी टोंक में हुआ। समाज के प्रवक्ता राजेश अरिहंत ने बताया कि शनिवार को आर्यिका संघ का विहार इंडस्ट्रीज एरिया से छावनी होते हुए बमोर गेट पहुंचा, जहां पर समाज के लोगों ने आर्यिका संघ की अगवानी की बमोर गेट से बाबरों का चौक छोटा बाजार होते हुए मंगल प्रवेश का जुलूस पांच मंदिर परिसर पहुंचा, बैंड बाजों के साथ समाज के महिला पुरुष हाथों में केसरिया ध्वज थामे हुए मंगल गीत गाते हुए चल रहे थे, जुलूस में पारस सोनी, रमेश छाबड़ा, पारस डोसी, प्यारेलाल, रिंकू, पूनम, अनीता, सीमा, सुनीता सहित कई श्रद्धालु भक्ति भाव से नाचते हुए चल रहे थे, पांच मंदिर परिसर पहुंचकर आर्यिका संघ ने पांचो मंदिर के दर्शन किये, तत्पश्चात नेमिनाथ मंदिर माणक चौक में आर्यिका भरतेश्वर मति के मंगल प्रवचन हुए, तत्पश्चात पुरानी टोंक में ही श्रावक श्रेष्ठियों के निवास पर आर्यिका संघ की आहारचार्य संपन्न हुई। मंगल प्रवचन में संबोधन करते हुए आर्यिका भरतेश्वरी माताजी ने कहा कि मिथ्यात्व का त्याग करना ही सच्चे श्रावक की पहचान है, मिथ्या दर्शन से धर्म का क्षय होता है, मानव को कषाय से दूर रहना चाहिए, मानव यदि भगवान की भक्ति सेवा पूजा आदि करते हैं और मन में कषाय भाव रखते हैं तो वह फल दायक नहीं है, श्रावक को लोभ मायाचारी से सदैव बचकर रहना चाहिए एवं देव शास्त्र गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा रखते हुए सच्चे श्रावक के रूप में अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए, दोपहर में आर्यिका संघ ने संत भवन में सामायिक की, तत्पश्चात पांच मंदिर परिसर से श्री आदिनाथ दिगंबर जैन नसियां भगवान महावीर मार्ग टोंक के लिए मंगल विहार किया।