सुमतिनाथ भक्तामर विधान की मंगलमय शुरुआत
सीकर,। ग्राम रैवासा में स्थित जैन धर्मावलंबियों की आस्था का केंद्र दिगम्बर जैन भव्योंदय अतिशय क्षेत्र रैवासा में गुरुवार से असीमकालीन सुमतिनाथ भक्तामर विधान की मंगलमय शुरुआत हुई । संत शिरोमणी आचार्य 108 विद्यासागर महाराज के धर्म प्रभावक शिष्य निर्यापक मुनि 108 सुधासागर महाराज के मंगल आशीर्वाद से आजीवन प्रतिदिन यह असीमकालीन सुमतिनाथ भक्तामर विधान किया जाएगा । विधान के प्रथम दिन सभी मांगलिक क्रियाओं को करने का सौभाग्य पहाडिय़ा परिवार सीकर को प्राप्त हुआ । कार्यक्रम में सर्वप्रथम वृहद शांतिधारा हुई । झंडारोहण पश्चात विधान की पूजा प्रारंभ हुई । आकर्षक कलाकृतियों वाले इस अतिशयकारी मंदिर का गर्भ ग्रह शीशमहल के रूप में विकसित है । यह मंदिर 108 स्थंभों पर खड़ा है, जिसकी गिनती आज तक कोई भी सही नही कर पाया है ।