व्यापार में ऑटोमेशन से ही हर व्यापारी बनेगा सीईओ
उद्यमियों के साथ अपने व्यवसायों को बढ़ाने के लिए रणनीतियों पर चर्चा
सफल होना लक्ष्य नहीं ड्यूटी होनी चाहिए : राहुल मालोदिया
जयपुर . बदलाव तभी आएगा जब सभी व्यापारियों को सामान्य सुविधाएं प्राप्त होंगी, नॉलेज मिलेगी और जैसे बड़ी कंपनी के सीईओ सेल्स स्ट्रेटजी बनाते हैं, मार्केटिंग करते हैं और फाइनेंस संभालते हैं जिसे राज़ रखा जाता है और सिर्फ टॉप मैनेजमेंट के 1 प्रतिशत लोगों के पास ही ये नॉलेज होती है। अगर ये सेल्स, मेकटिंग और फाइनेंस की सारी बारीकियां व नॉलेज छोटे से छोटे व्यापारी को पहुचाई जाएं तो इंडिया का हर व्यापारी सीईओ बन सकेगा और बड़ी से बड़ी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर पाएगा। यह कहना है लीडरशिप कोच राहुल मालोदिया का जो देश भर से आए 300 से ज्यादा व्यापारियों के साथ शुरू हुए चार दिवसीय ‘व्यापारी टू सीईओ रिट्रीट 3.0‘ कार्यक्रम में उद्यमियों के साथ अपने व्यवसायों को बढ़ाने के लिए रणनीतियों पर चर्चा कर रहे थे। क्रियात्मक और बुद्धिशीलता सत्रों में उन्होंने विस्तार से विश्लेषण किया कि किस तरह हर व्यवसाय में छोटे - बड़े मुद्दों का सामना किया जाए और किन समाधानों के साथ उन्हें सुधारने के तरीके प्रदान किए जाएं। व्यापार के विजन मिशन और बजट व मंदी पे चर्चा करते हुए राहुल मालोदिया ने बताया कि व्यापार में ऑटोमेशन से ही हर व्यापारी सीईओ बन सकता है यह आज की तरीक में व्यापार के लिए बहुत ही इम्पोर्टेन्ट टूल है। बिजऩेस को आज के दौर में किस तरह नई बुलंदियों तक पहुँचाया जाए पर एंटरप्रेन्योर को बताया कि आपका बिजऩेस आपके बच्चे के समान है जिसे आपको आपके बिना चलना सिखाना है, उसमें सिस्टम और पॉलिसी बनानी होगी जो उसे स्वयं चलने के लिए ऑटो मोड़ पर ले आए आप अपने सभी काम बांट सकते है मार्केटिंग, प्रोडक्शन, सेल्स, फाइनेंस लेकिन विजऩ आपको स्वयं लिखना होगा। किस तरह अपने बिजऩस के लिए लोग हायर करे और परफॉर्मेंस के बेस पे हायर करे और सफ़लता लक्ष्य नही ड्यूटी मान कर चले। इकोनामी बहुत तेजी से दौड़ रही है जो कुछ हमने पिछले 75 सालों में पाया है जैसे 3 ट्रिलियन की इकोनामी ये अगले 8 सालों में 6 ट्रिलियन होने वाले हैं जिसका अर्थ ये है कि जो हमने 75 सालों में कमाया वो अगले 8 साल में हम डबल करेने वाले है।