प्रदेश बजट में राजस्थान के सुनहरे सपनो के साथ विश्वासघात : दीप्ति किरण माहेश्वरी
राजसमन्द. विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने प्रदेश बजट को राजस्थान के सुनहरे सपनों के साथ विश्वासघात का प्रलेख बताते हुए कहा कि सरकार के प्रस्तावों से क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ेगा। मुख्यमंत्री गहलोत जनता की आकांक्षाओं, समस्याओं, प्रदेश में सर्वाधिक बेकारी, युवाओं के भविष्य से पूरी तरह से अनभिज्ञ दिखे है।
विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि यह बजट राजस्थान की आर्थिक चुनौतियों की अनदेखी करता है। अर्थसंकल्प में राजस्थान के सतत एवं दीर्घकालीन विकास, आर्थिक विस्तार से रोजगार सृजन, क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने, और ग्रामीण विकास के लिए अधिक संसाधनों की व्यवस्था की पूर्ण उपेक्षा की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से राजसमन्द के लिए घोषित चिकित्सा महाविद्यालय जिला मुख्यालय राजसमंद में ही खोलने का आग्रह किया है।
विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल पर मूल्यवर्धित कर में कमी नहीं करके सरकार ने मध्यम और निम्न वर्ग की आशाओं पर तुषारापात किया है। मंदी एवं प्रति र्स्पधा से संघर्ष कर रहे मार्बल उद्योग को कोई राहत नहीं दी गई है।
विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि बजट में विकास की दृष्टि और जीवन स्तर में सुधार की दिशा नहीं दिखती है। सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, भ्रष्टाचार रोकने के उपाय, बेरोजगारी घटाने के प्रयास, महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता, स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने एवं सरकारी शिक्षा क्षेत्र की गुणवत्ता बढ़ाने के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।
विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कहा कि राजस्थान के अर्थ संकल्प में बचत बढ़ाने के कोई प्रयास नहीं है, जनता को वास्तविक राहत देने की कोई दिशा नहीं है और राजस्थान को बढ़त दिलवाने की दृष्टि नहीं है। बचत, राहत और बढ़त की कसौटी पर यह बजट निराश करता है।