ब्रह्माकुमारीज ने निकाली त्रिमूर्ति शिव संदेश शोभायात्रा
टोंक । महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की शाखा टोंक द्वारा शहर में एक परमात्मा, एक विश्व, एक परिवार की संकल्पना के साथ त्रिमूर्ति शिव संदेश शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा ब्रह्माकुमारीज़ के राजयोग भवन यज्ञ के बालाजी से प्रारंभ हुई। शोभायात्रा का शहर के सवाई माधोपुर चौराहा, बड़ा कुआं, मुख्य बाजार घंटाघर तथा अनेक स्थानों पर शहर के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पुष्प वर्षा द्वारा भव्य स्वागत किया गया। यह यात्रा शिव संदेश देती हुई जोशियों का मौहल्ला पुरानी टोंक में स्थित प्रभु उपहार भवन पहुंची, जहाँ शिव ध्वजारोहण के साथ शोभायात्रा का समापन किया गया। मौके पर उपस्थित स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी अपर्णा दीदी ने सभी को त्रिमूर्ति शिव जयंती एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाईयां देते हुए कहा कि आज सारे विश्व में महाशिवरात्रि का उत्सव मनाया जा रहा है, परंतु यह तभी सार्थक व कल्याणकारी है, जब हम शिव के वास्तविक स्वरूप को पहचान कर उसे याद करें। महाशिवरात्रि अथार्त शिव की रात्रि जिसमे शिव स्वयं परमात्मा एवं रात्रि अर्थात अवगुणों, विकारों एवं कलयुगी रूपी अंधेरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वास्तव में सर्व आत्माओं के पिता परमपिता परमात्मा ज्योतिबिंदु स्वरूप है और इसी आत्मिक संबंध से हम आपस में भाई-भाई है । जब ऐसी वसुदेव कुटुंबकम की भावना हम सब में होगी तो विश्व में शांति की स्थापना हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह परमात्म अवतरण का यादगार पर्व महाशिवरात्रि स्वयं को जागृत करने का पर्व है। काम क्रोध मोह लोभ अहंकार जैसे मनोविकारों ने हमें वास्तविक सुख-शांति व आनंद से वंचित कर दिया है । अब हमें इन मनोविकारों को परमात्मा शिव को अर्पण कर सच्ची शिवरात्रि मनानी है। उन्होंने कहा कि आज का दिन इसलिए भी विशेष हैं क्योंकि महाशिवरात्रि के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस भी हैं। इस शिव शक्ति के महापर्व पर आप सभी शिव शक्तियां को अपने मन का तार परमेश्वर के साथ जोडक़र अपनी आंतरिक शक्तियों को जागृत करना है, क्योंकि नारी परिवार की धूरी है। वह घर को स्वर्ग बनाने वाली और बच्चों को सुसंस्कारित करने वाली है। आदिकाल से नारी पूज्यनीय और वन्दनीय रही है।