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जोड़ प्रत्यारोपण के बाद सावधानी जरूरी नी रिप्लेसमेंट के बाद फिसलने से हुआ घुटने में फ्रैक्चर, दोबारा सर्जरी कर किया इलाज 

जोड़ प्रत्यारोपण के बाद सावधानी जरूरी नी रिप्लेसमेंट के बाद फिसलने से हुआ घुटने में फ्रैक्चर, दोबारा सर्जरी कर किया इलाज 

जयपुर। जोड़ प्रत्यारोपण एक ऐसी इलाज प्रणाली है जो बुढ़ापे में लोगों को अपनों पर बोझ बनने से बचाती है। बढ़ती उम्र के साथ जब घुटने के जोड़ खराब हो जाते हैं तो चलने में अत्यंत दर्द होता है व किसी का सहारा लेकर चलने की स्थिति बन जाती है। ऐसे में नी रिप्लेसमेंट लोगों के लिए काफी कारगर इलाज साबित होता है। लेकिन ऑपरेशन के बाद उचित सावधानी बरतना जरूरी है। चूँकि सर्जरी के बाद प्रभावित हिस्सा बहुत नाज़ुक होता है, इसलिए उसमें फ्रैक्चर भी जल्दी होता है। ऐसा ही कुछ हुआ 70 वर्षीय अंगूरी देवी के साथ। नी रिप्लेसमेंट सर्जरी कराने के बाद अंगूरी देवी सफलतापूर्वक अपने घर चली गई थीं। एक रात बिस्तर से उठते समय उचित सावधानी न बरतने के कारण वे चिकने फर्श पर फिसल गई जिससे उनके घुटनों के प्रभावित हिस्से में फ्रैक्चर हो गया। मरीज के जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. आशीष राणा गोयल के पास लाया गया जहाँ उनके फ्रैक्चर को प्लेट लगाकर सही किया गया। 

 

डॉ. आशीष राणा गोयल बताते हैं कि नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद बेहतर रिकवरी के लिए घुटनों का ख़ास ख़याल रखने की जरूरत होती है। सावधानी न बरतने और पाँव फिसल जाने से भी फ्रैक्चर हो सकता है जिसके बाद उसकी सर्जरी करना भी जटिल हो जाता है। ऐसे में जोड़ प्रत्यारोपन करा चुके मरीजों को शुरुआत में चलते समय वॉकर के सहारे चलना चाहिए और चिकने फर्श या टाइल्स पर चलते समय ख़ास सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा पौष्टिक डाइट लें, हड्डियों को मजबूत करने वाले इंजेक्शन लगवाएं व नियमित रूप से घुटनों की एक्सरसाइज व फिजियोथेरेपी करें। 

 

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