ChatGPT की कंपनी 2024 में दिवालिया हो सकती है
OpenAI हर दिन ₹5.80 करोड़ खर्च कर रही, लगातार बढ़ रहा घाटा
नई दिल्ली . ChatGPT को डेवलप करने वाली कंपनी OpenAI दिवालिया हो सकती है। एनालिटिक्स इंडिया मैगजीन ने एक रिपोर्ट में दावा किया कि ChatGPT को चलाने के लिए कंपनी हर दिन 7 लाख डॉलर (₹5.80 करोड़) खर्च कर रही है।
इसके कारण OpenAI तेजी से अपने फाइनेंशियल रिसोर्सेज को कम कर रही है। वहीं, GPT-3.5 और GPT-4 ने लिए पेड सर्विस शुरू करने के बाद भी कंपनी इतना रेवेन्यू जनरेट नहीं कर पा रही है, जिससे इसकी लागत को कवर किया जा सके।
कंपनी का घाटा बढ़कर दोगुना हुआ
OpenAI ने नवंबर 2022 में ChatGPT को लॉन्च किया था। तब से अब तक कंपनी को 540 मिलियन डॉलर (₹4479 करोड़) का घाटा हो गया है।
ChatGPT के यूजर्स भी कम हो रहे
रिपोर्ट के अनुसार, AI चैटबॉट ChatGPT के यूजर्स में भी गिरावट देखने को मिल रही है। जुलाई 2023 में जून की तुलना में ChatGPT के यूजर्स में 12% की गिरावट देखी गई है। जुलाई में 1.7 बिलियन यूजर्स थे जो घटकर 1.5 बिलियन हो गए हैं।ChatGPT पर आप किस तरह के सवाल पूछ सकते हैं?
इससे आप कोई भी सवाल पूछ सकते हैं। यानी ईमेल लिखने से लेकर CV तक आप इससे बनवा सकते हैं। रील या अपनी वीडियो कैसे वायरल करना है, इसका भी जवाब ChatGPT देता है। वाइफ को क्या गिफ्ट दें, इस पर भी ChatGPT आपको सुझाव देता है।
ChatGPT लंबे जवाब की बजाय छोटे और सटीक शब्दों पूरी जानकारी देता है। किसी स्टूडेंट को डेमोक्रेसी पर एसे यानी निबंध लिखना है तो वह तुरंत ChatGPT पर टाइप करेगा Write an essay on democracy। इसके बाद आपके सामने पूरा एसे लिखा हुआ आ जाएगा।ChatGpt की सीमाएं क्या हैं?
ChatGpt भले ही सभी तरह के सवालों का जवाब आसानी से देता हो, लेकिन इसकी कुछ सीमाएं भी हैं। ऐसे ही 4 सीमाओं के बारे में यहां जानते हैं...
सवालों के जवाब देने में कॉमन सेंस की कमी।
सवाल के जवाब देते समय रेफरेंस नहीं बताता है।
इमोशनल सिचुएशन को एनालिसिस करने में सफल नहीं है।
इसके लिए किसी चीज के कॉन्टेक्स्ट को समझना मुश्किल होता है।