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चूरू: आधुनिक तकनीक के साथ समन्वय स्थापित कर परंपरागत कृषि व्यवस्थाओं को मजबूत करें : नेहरा

चूरू: आधुनिक तकनीक के साथ समन्वय स्थापित कर परंपरागत कृषि व्यवस्थाओं को मजबूत करें : नेहरा

प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना की बेहतरीन क्रियान्विति के लिए जनप्रतिनिधियों, किसानों, हितधारकों से लिए सुझाव, केंद्रीय नोडल अधिकारी विजय नेहरा, जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा, पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवां, पद्मभूषण देवेंद्र झाझड़िया, जिला उप प्रमुख महेंद्र न्यौल, तारानगर प्रधान संजय कस्वां सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी व किसान रहे मौजूद

चूरू। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी एवं बेहतर क्रियान्वयन के उद्देश्य से सोमवार को जिला परिषद सभागार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संयुक्त सचिव तथा केंद्रीय नोडल अधिकारी विजय नेहरा ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा किसानों से संवाद किया तथा सुझाव लिए। बैठक में पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं पद्म भूषण देवेंद्र झाझड़िया, पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवां, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, जिला उप प्रमुख महेंद्र न्यौल, तारानगर प्रधान संजय कस्वां सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं किसान उपस्थित रहे।इस मौके पर संबोधित करते हुए केंद्रीय नोडल अधिकारी विजय नेहरा ने कहा कि परंपरागत कृषि व्यवस्थाओं को मजबूत करें और आधुनिक तकनीक के साथ परंपरागत व्यवस्थाओं को कंसोलिडेटेड करते हुए काम करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है। योजना अंतर्गत किसानों को कृषि के आधुनिक साधनों एवं उन्नत तकनीक से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि चूरू जिले के भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमें आधुनिक तकनीक के साथ समन्वय स्थापित कर परंपरागत कृषि व्यवस्थाओं को मजबूत करना है। नेहरा ने कहा कि स्थानीय फसल उत्पादन की प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को सशक्त बनाना समय की जरूरत है।

उन्होंने किसानों को उन्नत किस्मों के बीज अपनाने, स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं ब्रांडिंग बढ़ाने तथा जिले में ही मार्केटिंग की मजबूत श्रृंखला विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग एवं जनप्रतिनिधि योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें और कार्ययोजना निर्धारित कर कार्य करें ताकि जिले के अधिक से अधिक किसानों को योजनाओं का लाभ मिल सके। पैरालिंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद्मभूषण देवेंद्र झाझड़िया ने कहा कि चूरू की मिट्टी में अपार ताकत और संभावनाएं हैं। किसान अगर आधुनिक तकनीक अपनाएं और अपने उत्पादों को वैल्यू एडिशन के साथ प्रस्तुत करें तो जिले की अर्थव्यवस्था कई गुना बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि योजना की बेहतरीन क्रियान्विति के लिए जिला स्तर पर बने प्लान में जिले के किसानों की आवश्यकताओं, प्रगतिशील किसानों के उत्पादन के लिए मार्केटिंग उपलब्ध करवाने, बागवानी को बढ़ावा देने, फसलों की अच्छी उपज तथा योजना के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किसानों से निरंतर संवाद करने और बेहतरीन प्रोजेक्ट पर काम किया जाए। पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवां ने कहा कि सरकार की यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

हमें गांव-स्तर पर जागरूकता बढ़ाकर अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ना चाहिए। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा कि जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, किसानों की आवश्यकताओं और हितधारकों के सुझावों पर निरंतर काम करते हुए जिला प्रशासन योजना की बेहतरीन क्रियान्विति के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं किसानों के सुझाव लिए और योजना के क्रियान्वयन को अधिक सशक्त बनाने के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। जिला उप प्रमुख महेंद्र न्यौल ने कहा कि कृषि से जुड़े सभी कार्यक्रमों के बारे में किसानों को समुचित जागरूक करने, मिट्टी परीक्षण, उन्नत बीज वितरण, तकनीकी प्रशिक्षण, ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देने की बात कही। तारानगर प्रधान संजय कस्वां ने कहा कि किसानों को सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूक करें तथा मोटिवेट करें। यदि किसानों को उचित बाजार और प्रोसेसिंग सुविधाएं मिलेंगी तो उपज की गुणवत्ता और आय दोनों में निश्चित तौर पर बढ़ोतरी होगी।

सीईओ श्वेता कोचर ने बैठक का संचालन करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
जिले के प्रगतिशील किसानों व हितधारकों ने भी चुनौतियों, समस्याओं से अवगत करवाया तथा योजना की बेहतरीन क्रियान्विति के लिए सुझाव साझा किए, जिनमें सिंचाई संसाधनों का विस्तार, उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता, पशुपालन को बढ़ावा, स्थानीय फसल आधारित प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना, उद्यानिकी को प्रोत्साहित करना, एफपीओ मिलकर प्रसंस्करण को बढ़ावा देने, झींगा व सुअर पालन के लिए भौगोलिक व विपणन समस्याएं, पंचायत समिति स्तर पर क्रियान्वयन कमेटी गठित करने, एग्रो टूरिज्म को बढ़ावा देने, किसानों को फील्ड में ले जाकर समझाने व प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए। केन्द्रीय नोडल अधिकारी ने आश्वासन दिया कि सभी सुझावों पर सकारात्मक प्रयासों से क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

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