मन की सफाई जरूरी-शास्त्री
बयाना। ब्रह्मनाद आध्यात्मिक केंद्र की ओर से परम् उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।संस्थापक डॉ0 कुमार शास्त्री ने कहा कि हर तीज त्यौहार मनाये जाने का महत्वपूर्ण प्रासंगिक कोई संदेश होता है।हर पर्व हमें अच्छी सीख देता है।उन्होंने कहा कि जीबन में बहुत सी घटनाएं ऐसी होती हैं जिनको भूलना पड़ता है,व्यक्ति को उसकी गलती पर माफ़ भी करना ही पड़ता है।कर्म करते हुए आपसी सम्बन्ध सम्पर्क में व्यर्थ बातों के आने से या मन में बुरे विचारों की धूल आने से कटुता आ जाती है।इसलिए प्रतिदिन परम् पिता परमात्मा को मन की धूल सुनाकर हल्का होना जरूरी है।उन्होंने कहा कि त्योहारों के माध्यम से इस प्रकार की मन की समस्याएं सहज सुलझ जाती है।गिले शिकवे दूर हो जाते हैं।अगर किसी कारणवश हमने किसी को गलत कहा या किसी ने हमसे गलत कहा तो माफ़ी मांग लेना ही मन की सफाई है।शुभ भावना रखकर स्नेही व्यबहार से सम्बन्धो में पुनः वही प्यार हो जाता है।मन में शक्तिशाली शुद्ध विचारों का होना बहुत जरूरी है।