राजस्थान में बढ़ी सर्दी, सीकर में पारा गिरकर -2.4°C तक पहुँचा
जयपुर। राजस्थान में दो दिन पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब प्रदेश भीषण शीतलहर की चपेट में आ गया है। बर्फीली हवा के कारण कई जिलों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया है। शेखावाटी अंचल में हालत सबसे ज्यादा खराब हैं, जहां खेतों और वाहनों पर बर्फ जम रही है। शनिवार रात को सीकर में न्यूनतम तापमान -2.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। वहीं फतेहपुर सहित आसपास के इलाकों में भी पारा माइनस में रहा। रविवार सुबह खुले इलाकों, खेतों और पाइपों में जमी बर्फ ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के सात जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। बर्फीली हवा के चलते गलन भरी सर्दी महसूस की जा रही है। प्रदेश के सात जिलों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। हालांकि 26 जनवरी को मौसम साफ रहने और कोल्ड वेव से कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है, लेकिन 27 जनवरी को उत्तर-पूर्वी राजस्थान में फिर से मौसम बदल सकता है। विभाग ने बादल छाने, तेज हवाएं चलने, बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। सीकर, डीडवाना, फतेहपुर और शेखावाटी के अन्य इलाकों में फसलों पर बर्फ जमने से नुकसान की आशंका बनी हुई है। शनिवार सुबह भी खेतों में ओस और बर्फ जमी रही। कई किसान फसलों को बचाने के लिए तिरपाल और कपड़ों से ढकने को मजबूर हैं।
डीडवाना के मकराना क्षेत्र में खेतों के सिंचाई पाइपों में बर्फ जम गई, जिससे खेती कार्य प्रभावित हुआ है। मनाना गांव में फसलों के खराब होने की सूचना भी सामने आई है। पिछले 24 घंटों में आसमान साफ रहने के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिली। धूप निकलने के बाद भी दोपहर से तेज सर्द हवा चलने लगीं, जिससे लोगों की धूजणी छूट गई। सीकर, झुंझुनूं और हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान महज 14 से 14.2 डिग्री सेल्सियस के बीच मापा गया, जिससे दिन में भी रात जैसी सर्दी महसूस की गई। अलवर में शनिवार रात न्यूनतम तापमान चार डिग्री रहा। अजमेर में सीजन की तीसरी मावठ के बाद गलन और ठिठुरन बनी हुई है, रविवार सुबह तापमान 7.2 डिग्री रहा। जयपुर, भरतपुर, दौसा, चूरू और नागौर में भी शीतलहर का असर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक शीतलहर और गलन का असर बना रह सकता है।