Dark Mode
आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल देशों ने भारत की जमकर की सराहना

आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल देशों ने भारत की जमकर की सराहना

नई दिल्ली। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 31 अक्टूबर को मलेशिया के कुआलालंपुर में दूसरी भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक के दौरान आसियान के रक्षा मंत्रियों के साथ मुलाकात की। बैठक के दौरान, मंत्रियों ने भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और क्षेत्रीय स्तर पर नई दिल्ली के साथ रक्षा सहयोग को गहरा करने की मांग की। रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की दूसरी अनौपचारिक बैठक, आसियान के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी, विशेष रूप से 2026-2030 के लिए आसियान-भारत कार्य योजना के रक्षा और सुरक्षा घटकों को आगे बढ़ाने का एक रणनीतिक अवसर प्रस्तुत करती है। रक्षा मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिलाओं पर आसियान-भारत पहल और आसियान-भारत रक्षा थिंक-टैंक संपर्क नाम के दो दूरदर्शी पहलों की घोषणा की। मलेशियाई रक्षा मंत्री ने, एडीएमएम अध्यक्ष के रूप में, राजनाथ सिंह का स्वागत किया और भारत को एक महाशक्ति बताया। उन्होंने कहा कि एक समुदाय के रूप में, आसियान को साइबर और डिजिटल रक्षा के साथ-साथ रक्षा उद्योग एवं नवाचार के क्षेत्र में भारत के साथ अपने जुड़ाव को गहरा करने से लाभ होगा। इसके साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग और तकनीकी अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने की भारत की क्षमता की सराहना की, जिससे आसियान सदस्य देशों को लाभ हो सकता है। वहीं, फिलीपींस के रक्षा मंत्री ने एक महाशक्ति होने के नाते अंतर्राष्ट्रीय कानून और बहुपक्षवाद के प्रति भारत के सम्मान की प्रशंसा की। समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के प्रति निष्ठा प्रदर्शित करके, भारत ने क्षेत्र के अन्य देशों के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पहले प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में भारत की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने आगामी भारत-आसियान समुद्री अभ्यास के लिए पूर्ण समर्थन व्यक्त किया और फिलीपींस के आर्थिक क्षेत्र में आगामी संयुक्त सहकारी गतिविधि पर प्रकाश डाला। ऐसे ही कंबोडिया के रक्षा मंत्री ने भी भारत के उदय की सराहना की और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों, एचएमए, और सैन्य चिकित्सा में प्रशिक्षण में इसके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

Comment / Reply From

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!