किसानों की मांगों पर घड़साना-अनूपगढ़ में मंथन, प्रशासन ने दिया समाधान का भरोसा
श्रीगंगानगर। आईजीएनपी की अनूपगढ़ शाखा से जुड़े किसानों की सिंचाई और फसल खराबे की समस्याओं को लेकर मंगलवार को प्रशासन ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव और पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने घड़साना तथा अनूपगढ़ में किसानों से उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा की।
दोपहर में घड़साना और शाम को अनूपगढ़ एडीएम कार्यालय में हुई बैठकों में किसानों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। जिला कलक्टर ने कहा कि किसानों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ लिया जा रहा है और नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सिंचाई पानी से लेकर बीमा क्लेम तक उठे मुद्दे
किसान प्रतिनिधिमंडल ने खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध कराने, फसल खराबे का आकलन, विशेष गिरदावरी और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लंबित बीमा क्लेम जैसे मुद्दे उठाए। इसके अलावा आगामी नहर रेगुलेशन और जल बंटवारे से जुड़े विषयों पर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया।
जिला कलक्टर ने बताया कि किसानों की मांगों को राज्य सरकार और संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सिंचाई, फसल खराबे, विशेष गिरदावरी और फसल बीमा से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किसानों को राहत दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
13 दिन से धरना, अनूपगढ़ में महापड़ाव
वार्ता के बाद जिला कलक्टर ने बताया कि घड़साना में पिछले 13 दिनों से चल रहे धरने और अनूपगढ़ एडीएम कार्यालय के बाहर किसानों के महापड़ाव को देखते हुए किसान संगठनों के साथ मांगों पर बिंदुवार चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि फसल खराबे और क्रॉप कटिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसकी रिपोर्ट जल्द राज्य स्तर पर भेजी जा रही है, ताकि आगे की प्रक्रिया के जरिए किसानों को राहत उपलब्ध कराई जा सके।
जल बंटवारे पर बीबीएमबी बैठक के बाद फैसला
नहरों के रेगुलेशन और जल बंटवारे के मुद्दे पर जिला कलक्टर ने कहा कि बीबीएमबी की बैठक के बाद जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जल परामर्शदात्री समिति के स्तर पर निर्णय लिया जाता है। जल आवंटन की स्थिति स्पष्ट होते ही समिति की बैठक जल्द बुलाने की बात कही गई है।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता प्रदीप रस्तोगी से जुड़ी किसानों की मांग पर कलक्टर ने कहा कि यह नीतिगत विषय है और इसका निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर होना है। किसानों की भावनाओं और इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी जाएगी।
बीमा सर्वे में आपत्ति हो तो अपील का अधिकार
बीमा क्लेम के सर्वे में सामने आ रही कथित विसंगतियों को लेकर भी किसानों ने अपनी बात रखी। जिला कलक्टर ने बताया कि बीमा प्रक्रिया में कंपनी, राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें नियमानुसार काम करती हैं। यदि किसी किसान को सर्वे या आकलन पर आपत्ति है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत समीक्षा कमेटी के समक्ष अपील कर सकता है।
बैठक में अनूपगढ़ के एडीएम अशोक सांगवा, किसान प्रतिनिधि श्योपत मेघवाल सहित अन्य किसान मौजूद रहे। प्रशासन ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे की कार्रवाई का भरोसा दिलाया।