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लगातार बारिश से धौलपुर जिला पानी-पानी

लगातार बारिश से धौलपुर जिला पानी-पानी

  • पार्वती बांध के 16 गेट खोले, मकान में फंसे 8 लोगों का किया रेस्क्यू

 

धौलपुर। जिले में पिछले 40 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी है। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाके जलभराव की चपेट में हैं। पार्वती बांध के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश होने की वजह से जल संसाधन विभाग ने 16 गेट 3 फीट खोलकर पानी रिलीज किया है। उर्मिला सागर की पूरी तरह से भर चुका है। उर्मिला सागर ओवर फ्लो होने की वजह से प्रशासन ने धौलपुर-करौली हाईवे के मार्ग को काटकर डांग क्षेत्र में पानी निकाला। लगातार हो रही बारिश से अन्नदाता की फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है।
मानसून की बरसात ने इस बार धौलपुर जिले में भारी तबाही मचाई है। पिछले 40 घंटे से जिले में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। खेत-खलिहान जलाशय, झरना, ताल, बांध सभी लबालब भर चुके हैं। धौलपुर शहर की करीब 40 कॉलोनियों में जलभराव से परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों में खरीफ की फसल दलहन, तिलहन, ग्वार, ज्वार, मक्का आदि जलभराव से बर्बादी की कगार पर है। खेतों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। आसमानी आफत से जिला पानी-पानी हो गया है। पार्वती बांध के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश होने की वजह से जल संसाधन विभाग ने गुरुवार को 16 गेट 3 फीट खोलकर 24 हजार से अधिक क्यूसेक पानी रिलीज किया है। धौलपुर, बसेड़ी, सैंपऊ और राजाखेड़ा उपखंड में करीब 5 हजार एकड़ फसल खरीफ की पूरी तरह से बर्बाद होने की स्थिति पर आ गई है।
ग्रामीण इलाकों में आबादियों में पानी घुस रहा है। लोगों के कच्चे पक्के मकान गिरकर धराशाई हो रहे हैं। चारों ओर हो रही बारिश ने त्राहि-त्राहि मचा दी। मवेशी पालन के लिए किसानों पर चारे का संकट भी गहरा रहा है। उधर मौसम विभाग पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी दे रहा है। भरतपुर संभाग में आगामी 1 से 2 दिन में मेघ गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी जा रही है।

पार्वती बांध बन रहा खतरा

पार्वती बांध से नदी में पानी रिलीज किए जाने के बाद नदी के आस-पास बसे करीब 50 गांव पर बाढ़ का संकट बन सकता है। जिसे लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। तहसीलदार राहुल कुमार धाकड़ ने बताया कि नदी के आस-पास बसे ग्रामीणों को सतर्क कर दिया है। संबंधित हल्का पटवारी, गिरदावर और सरपंचों को निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। पार्वती बांध से पानी रिलीज किए जाने के बाद बाड़ी-बसेड़ी मार्ग के बंद होने की पूरी संभावना दिखाई दे रही है। इसके अलावा कौलारी-मालोनी मार्ग और सखवारा-मनियां मार्ग पार्वती नदी उफान पर होने की वजह से बंद हो गए हैं।

आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे जाम को एसपी ने खुलवाया

बारिश की वजह से मनियां कस्बे में आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिनमें वाहनों के फंसने के बाद लंबा जाम लग गया। 7 घंटे से मशक्कत कर रही पुलिस जाम खुलवाने का प्रयास करती रही। जिसके बाद रात करीब 2 बजे एसपी सुमित मेहरड़ा मौके पर पहुंचे। एसपी ने बारिश में भीगते हुए जाम को खुलवाया।

45 साल बाद मचकुंड में भरा पानी

साल 1979 के बाद पहली बार तीर्थराज मचकुंड ओवरफ्लो हुआ है। मचकुंड का पानी घाटों से होता हुआ मंदिरों तक पहुंच रहा है। मचकुंड में लगातार हो रही पानी की आवक के बाद छितरिया ताल की ओर की दीवार टूट गई। जिसके बाद मचकुंड का पानी छितरिया ताल की ओर पहुंचने लगा है। जिसका पानी पहले से ही ओवरफ्लो होने के कारण कॉलोनी में पहुंच रहा है। ऐसे में मचकुंड का पानी भी छितरिया ताल के जरिए कॉलोनियों में पहुंचने से हालत दयनीय हो सकते हैं।

दिहौली में पानी के बहाव में पांच लोग फंसे

गुरुवार सुबह दिहौली थाना क्षेत्र के गुनपुर टीकतपुर इलाके में बारिश के पानी में पांच लोग फंस गए। बारिश के पानी में पांच लोगों के फंसने की सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी परमजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जहां पुलिस की टीम ने रेस्क्यू कर पानी में फंसे एक महिला सहित पांचों लोगों को बाहर निकाला।

8 लोगों का किया रेस्क्यू

बसेड़ी थाना इलाके के गांव सांगोरी में एक परिवार के 8 लोग नदी के पास में बने मकान में फंस गए। मकान के चारों ओर नदी का पानी आने से सभी लोग फंस गए। जिन्हें पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरडा के निर्देशन में बसेडी पुलिस द्वारा एसडीआरएफ की मदद से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

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