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बूंदी में 24 घंटे एक्टिव रहेगा आपदा राहत कंट्रोल रूम

बूंदी में 24 घंटे एक्टिव रहेगा आपदा राहत कंट्रोल रूम

बूंदी. जिले में ‘आहत को तत्काल राहत’ कार्य योजना के तहत आपदा और दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों तक जल्द सहायता पहुंचाने की व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखा जाएगा। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देश पर जिला आपदा राहत नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे संचालित किया जा रहा है।

योजना के तहत चुनाव नियंत्रण कक्ष, सहायता अनुभाग के कार्मिक और डिस्ट्रिक्ट क्विक रिस्पांस टीम के सिविल डिफेंस जवान अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। यह पूरी व्यवस्था प्रभारी अधिकारी जिला आपदा राहत नियंत्रण कक्ष सत्यवान शर्मा के निर्देशन में संचालित होगी।

24 घंटे तैनात रहेगी टीम

जिला नियंत्रण कक्ष में कर्मचारियों की राउंड द क्लॉक ड्यूटी लगाई गई है। प्राकृतिक या मानवजनित आपदा, सड़क दुर्घटना, जहरीले जीव-जंतु के काटने, जंगली जानवर के अचानक हमले या किसी अन्य आपात स्थिति की सूचना मिलते ही टीम को सक्रिय किया जाएगा।

सूचना मिलने के बाद नियंत्रण कक्ष के कार्मिक तत्काल प्रभारी अधिकारी और सहायक प्रभारी अधिकारी को जानकारी देंगे। इसके बाद जिला प्रभारी अधिकारी (सहायता) और अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) को घटना की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, ताकि जरूरतमंद तक राहत जल्द पहुंचाई जा सके।

व्हाट्सएप पर फोटो-वीडियो और लोकेशन भेज सकेंगे

आमजन की सुविधा के लिए जिला आपदा राहत नियंत्रण कक्ष के संपर्क नंबर जारी किए गए हैं। मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर 7014500500 तथा लैंडलाइन नंबर 0747-2442305 पर सूचना दी जा सकती है।

खास तौर पर व्हाट्सएप नंबर पर घटना की जानकारी के साथ फोटो, वीडियो, लाइव लोकेशन और संबंधित पत्र या दस्तावेज भेजे जा सकेंगे। प्रशासन का कहना है कि इससे राहत दल को घटना स्थल की स्थिति समझने और मौके पर पहुंचने में मदद मिलेगी।

राहत कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई

जिला प्रशासन ने राहत कार्य और सूचना के आदान-प्रदान में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं। तहसील और विभागीय नियंत्रण कक्षों के जरिए राहत से जुड़े मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रशासन के अनुसार, 8 मई से 30 सितंबर 2026 के बीच ‘आहत को तत्काल राहत’ योजना के तहत विभिन्न आपदाओं और दुर्घटनाओं से जुड़े 83 प्रकरण प्राप्त हुए। इनमें से 60 मामलों यानी 72.29 प्रतिशत का त्वरित निस्तारण किया जा चुका है।

वहीं, बाकी 23 प्रकरणों में 6 मामले परिजन स्तर पर और 17 मामले सरकारी या प्रशासनिक स्तर पर जांच एवं अन्य प्रक्रिया में हैं। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों पर भी आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

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