जिला कलक्टर ने की फ्लैगशिप योजनाओं एवं बीस सूत्री कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा
जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई समीक्षा बैठक— जिला कलक्टर ने अधिकारियों को दिए रैंकिंग सुधारने के दिये निर्देश
जयपुर। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को फ्लैगशिप योजनाओं एवं बीस सूत्री कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने की। बैठक में विगत बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना रिपोर्ट, विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की विभागवार प्रगति तथा बीस सूत्री कार्यक्रम की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में जिला कलक्टर ने नवीन परिवारों को एनएफएसए से लाभान्वित करने की योजना के तहत जिला रसद अधिकारी (शहरी एवं ग्रामीण) को निर्देश दिए कि योजना की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपखण्ड अधिकारियों एवं नगर निगम के उपायुक्तों के साथ साझा करते हुए प्रभावी मॉनिटरिंग करें तथा मार्च 2026 में जिले की रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित करें। मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि बैठक में ऊर्जा विभाग की कुसुम योजना एवं संशोधित वितरण क्षेत्र योजनाओं की प्रगति में सुधार लाने तथा अंतर्विभागीय समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। महिला अधिकारिता विभाग की लाडो प्रोत्साहन योजना में राज्य स्तरीय रैंकिंग 37वीं होने पर जिला कलक्टर ने असंतोष व्यक्त करते हुए मार्च 2026 तक रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के निर्माण कार्यों में तेजी लाकर मार्च 2026 तक जिले की रैंकिंग में सुधार करने के निर्देश दिये गए हैं। जिला कलक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में जिले की स्थिति संतोषजनक नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाकर रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के अंतर्गत गवर्नेंस में राज्य स्तरीय 39वीं रैंक होने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया तथा संबंधित अधिकारियों को तीन दिवस में विद्यालयों में ऑफिस विजिट के निर्धारित लक्ष्य पूरे करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं अटल प्रगति पथ योजना के शेष कार्यों को शीघ्र प्रारम्भ करवाकर प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने क्षेत्रीय उपनिदेशक, स्वायत्त शासन विभाग को संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र प्रगति सुनिश्चित करने तथा नगरीय निकायों से संबंधित योजनाओं की समीक्षा कर मार्च 2026 तक सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मिशन हरियालो राजस्थान में लक्ष्य के अनुरूप कार्य किया जा रहा है, फिर भी अन्य जिलों की तुलना में बेहतर प्रगति के लिए और प्रयास करने की आवश्यकता है। जल जीवन मिशन एवं अमृत योजना की प्रगति पर भी जिला कलक्टर ने असंतोष व्यक्त करते हुए मार्च 2026 तक कार्यों में तेजी लाकर रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित करने को कहा। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में जिले की राज्य स्तरीय रैंकिंग 24वीं होने पर संबंधित विभागों को कार्ययोजना बनाकर मार्च 2026 तक प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक में पंच-गौरव योजना के अंतर्गत राज्य स्तर से प्राप्त बजट का नियमानुसार समयबद्ध व्यय करने तथा अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने बीस सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद से संबंधित संकेतकों में सुधार लाने तथा राज्य स्तर से आवंटित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। सभी विभागों को योजनावार कार्ययोजना बनाकर मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने ऐसे विभाग जिनकी फ्लेगशिप योजनाओं में राज्य स्तर पर जिले की रैंकिंग 20 से अधिक अथवा संतोषजनक नहीं है, उन्हें 19 मार्च तक कम रैंक के कारणों सहित बिंदुवार नोट मुख्य आयोजना अधिकारी, कलक्ट्रेट जयपुर को प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम रैंकिंग वाले विभागों को मार्च तक अपेक्षित प्रगति लाकर रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही फ्लेगशिप योजनाओं में अंतर्विभागीय मुद्दों के समाधान के लिए मुख्य आयोजना अधिकारी को आगामी सप्ताह में अंतर्विभागीय बैठक आयोजित करने के निर्देश प्रदान किए। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर मुकेश कुमार मूंड सहित संबंधित अधिकारियों उपस्थित रहें।