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जिला कलक्टर पोसवाल ने यूआईटी का निरीक्षण कर देखा काम-काज

जिला कलक्टर पोसवाल ने यूआईटी का निरीक्षण कर देखा काम-काज

अधिकारियों, कर्मचारियों और संगठनों ने किया स्वागत


उदयपुर । जिला कलक्टर व यूआईटी अध्यक्ष अरविन्द पोसवाल गुरुवार दोपहर यूआईटी पहुंचे और विभिन्न प्रभागों का निरीक्षण करते हुए यहां की गतिविधियों की जानकारी ली तथा महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए।  आज दोपहर यहाँ पहुंचे कलक्टर पोसवाल का यूआईटी सचिव नितेन्द्रपाल सिंह की अगुवाई में अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वागत किया। इसके पश्चात यहां मौजूद कई संगठनों के पदाधिकारियों ने भी बुके भेंट कर कलक्टर पोसवाल का स्वागत किया।
समीक्षा बैठक ली :
कलक्टर पोसवाल ने यूआईटी अधिकारियों की परिचयात्मक व समीक्षा बैठक ली और यूआईटी गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने यूआईटी सचिव नितेन्द्र पाल सिंह सहित अतिरिक्त मुख्य अभियंता संजीव शर्मा, ओएसडी सावन चायल, एसई अनित माथुर, भूमि अवाप्ति अधिकारी सुरेश खटीक, उप नगर नियोजक ऋतु शर्मा, तहसीलदार विमलेन्द्र राणावत, उप विधि परामर्शी चाँद पालीवाल, बीएल कोठारी आदि से उनके दायित्वों और उपलब्धियों, लंबित कार्यों के बारे में जानकार लेते हुए समीक्षा की। कलक्टर ने यूआईटी द्वारा शहर व पेराफेरी में संपादित हो रहे विकास कार्यों व इनकी प्रगति के संबंध में जानकारी लेकर इन्हें तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। आरंभ में सचिव ने उन्हें यूआईटी द्वारा नगर में जारी प्रमुख विकास कार्यों की जानकारी दी। साथ ही अब तक हुए मुख्य कार्यों से भी अवगत कराया। कलक्टर ने बैठक में भावी कार्ययोजनाओं के बारे में भी जानकारी ली।  
शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण व कार्यगुणवत्ता सुनिश्चित हो -कलक्टर
कलक्टर ने यूआईटी के अधिकारियों से कहा कि आमजन द्वारा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और सभी लंबित कार्यों को समय से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि उदयपुर विश्व की प्रमुख पर्यटन नगरी है और यहाँ के विकास कार्य भी उसी के अनुरूप गुणवत्ता के साथ पूर्ण होने चाहिए। यूआईटी सचिव ने भी आश्वस्त किया कि कलक्टर के समस्त निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित कर यूआईटी जनहित में अधिक से अधिक कार्य करने का प्रयास करेगी।
प्रभागों का निरीक्षण कर ली जानकारी :
इसके बाद कलक्टर ने हर तल पर जाकर यूआईटी परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया एवं प्रत्येक प्रभाग में जाकर कर्मचारियों से बात की। उन्होंने प्रभागों में पहुंचते ही सबसे पहले कर्मचारियों से उनका परिचय पूछा और फिर काम-काज की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। कलक्टर ने रूटीन में आने वाले प्रकरणों की प्रकृति, लंबित मामले, राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की।

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