जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक हुई आयोजित
श्रीगंगानगर। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता गंगानगर सांसद श्री कुलदीप इंदौरा ने की। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में पेयजल विभाग की प्रगतिरत पेयजल परियोजनाओं, जनता जल योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि 373 पेयजल परियोजनाओं में से 102 में कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष परियोजनाएं प्रगतिरत हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुद्ध के लिये युद्ध अभियान के अंतर्गत 300 नमूनों के लक्ष्य के विरूद्ध 433 नमूने लिये गये। मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच एवं निःशुल्क दवा योजना की समीक्षा हुई। जिले में मनरेगा में 2 लाख 63 हजार 351 श्रमिकों को रोजगार दिया गया है, जिनमें 1104 ने सौ दिन का रोजगार पूर्ण कर लिया है तथा 24 हजार ने 80 दिन का रोजगार पूर्ण किया है।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इस योजना में स्वीकृत आवासों के विरूद्ध प्रथम किश्त, द्वितीय किश्त एवं अंतिम भुगतान की जानकारी दी गई। बैठक में सांसद क्षेत्रीय विकास योजना, विधायक क्षेत्रीय विकास योजनाओं के स्वीकृत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विद्युत आपूर्ति, ढ़ाणियों में विद्युत उपलब्ध करवाने, जल संसाधन, शिक्षा, श्रम, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
सादुलशहर विधायक श्री गुरवीर सिंह बराड़ ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिये संचालित मां योजना का लाभ पात्र को मिले और योजना के अनुसार निःशुल्क अल्ट्रासाउंड होना चाहिए। आम जीवन से जुड़ी खाद्य वस्तुएं शुद्ध होनी चाहिए। इसमें मिलावट करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जानी चाहिए। मनरेगा में खालों व नहरों की सफाई व मरम्मत का कार्य करवाया जा सकता है।
बैठक में जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने कहा कि पेयजल परियोजनाओं से आमजन को नियमित व स्वच्छ पेयजल सुलभ होना चाहिए। वर्षा का जल एकत्रित करने के लिये वाटर हार्वेस्टिंग के साथ-साथ निजी टांके निर्माण पर भी ध्यान दिया जाये। जिला कलक्टर ने कहा कि मनरेगा योजना में नहरों व नहर वितरिकाओं की सफाई का कार्य किया जा सकता है। निर्मित सभी शौचालय संचालन में हों, इसका ध्यान विकास अधिकारियों को रखना होगा।
बैठक में जिला प्रमुख कविता रेगर, जिला परिषद के सीईओ सुभाष कुमार, नगर परिषद की अध्यक्ष गगनदीप कौर पाण्डे, जल संसाधन के अधीक्षण अभियंता धीरज चावला, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक विक्रम सिंह, जिला परिषद के अधिशाषी अभियंता रमेश मदान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।