जिला स्तरीय समीक्षा संवाद का आयोजन किया गया
छीपाबड़ौद। गिरिजन स्वैच्छिक संस्थान द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं संचार परिषद नई दिल्ली के सहयोग से प्राकृतिक संसाधन संरक्षण व आजीविका के विज्ञान एवं तकनीकी समाधानों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रसार हेतु ग्रामीण ग्रहणियों एवं यूतियों की वैज्ञानिक साक्षरता कार्यक्रम के साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय समीक्षा संवाद का आयोजन किया गया जिसमें किशनगढ़, छीपाबड़ौद व अंता से प्रतिभागियों ने भाग लिया । संवाद के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में जंगलों की अधिकता के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर आजीविका व आजीविका के अन्य वैज्ञानिक तकनीकी विकल्पों व नवीन वैज्ञानिक समाधान विकसित करने व प्राकृतिक संसाधन दोहन को रोकने पर चर्चा की गई । ग्रामीण ग्रहणीय व युवतियां आजीविका हेतु निरंतर व बराबर के दर्जे पर सहयोगी होगी, ग्रामीण ग्रहणियां व युवतियां ही ग्राम स्तर पर उपलब्ध आजीविका साधनों में सर्वाधिक सहयोगी होगी है,प्रकृति से जुड़ी होती है ,प्राकृतिक संरक्षण में सर्वाधिक सहयोगी होती है तथा प्रकृति संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, परियोजना में ग्रहणीय व युवतियो को विशेष रूप से वैज्ञानिक साक्षरता के लिए चयन किया कर उत्प्रेरित किया गया है । संवाद के माध्यम से प्रकृति को करने वाले ऐसे अनेक उदाहरण चर्चा कर चिपको आंदोलन, खेजड़ी बचाने का आंदोलन में ग्रहणियां और युक्तियां ने ही महत्वपूर्ण भूमिका के साथ औषधीय से जुड़े पारंपरिक औषधीय ज्ञान का भूलते जा रहे हैं। एक समय में यह वन औषधीय के जरिए उपचार कर अपनी आजीविका का संचार करते थे किंतु अब यह भी समाप्ति की ओर है। जिनको संरक्षित करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में उपसरपंच हरिचरण, कृषि मित्र रंग लाल ,वार्ड पंच कन्हैयालाल संस्था के सुनीता झाला, वैज्ञानिक मित्र सुभाष धाकड़ ,कल्याण सिंह व लोकेश, चांदनी, प्रियंका व पिस्तौल बाई गुलशन कुशवाह उपस्थित रहे।