Dark Mode
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान में ई-गवर्नेंस का बढ़ा दायरा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान में ई-गवर्नेंस का बढ़ा दायरा

  • आमजन को मिला ‘स्मार्ट परियोजना’ जैसा स्वचालित नागरिक सेवा प्रदायगी मंच
  • लाभार्थियों की पहचान और सेवा प्रदायगी की प्रक्रिया बनी अधिक सुगम एवं पारदर्शी
  • स्मार्ट के अन्तर्गत 7 सेवाओं से 3 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित
  • विभिन्न विभागों की 10 प्रमुख योजनाएं भी जल्द आएंगी स्मार्ट प्लेटफॉर्म पर

जयपुर। राजस्थान में आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं को सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित व्यवस्थाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य में स्मार्ट परियोजना (सर्विस मैनेजमेंट विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रियल टाइम सिस्टम) की शुरूआत की गई है, जिससे लाखों व्यक्तियों को लाभ मिला है।

स्मार्ट परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (एआई/एमएल) की सहायता से सार्वजनिक सेवाओं को नागरिकों तक पहुंचाने का तरीका बेहतर बनाया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें स्वचालित रूप से संबंधित योजनाओं में जोड़ना और मानवीय हस्तक्षेप को कम करके लाभों का पारदर्शी वितरण करना है।

मुख्यमंत्री द्वारा दिनांक 1 जुलाई को जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में स्वचालित नागरिक सेवा प्रदायगी मंच ‘स्मार्ट’ परियोजना का शुभारंभ किया जा चुका है। इसके अंतर्गत आरम्भ की गई 7 सेवाओं से 3 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं, मुख्यमंत्री ने राज उन्नति की 9वीं बैठक में स्मार्ट परियोजना के तहत विभिन्न विभागों की 10 प्रमुख योजनाओं को भी स्मार्ट प्लेटफॉर्म पर लाने के निर्देश दिए हैं। ये सेवाएं भी आमजन को जल्द सुलभ होंगी।

अब मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर

इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने 2 अक्टूबर को राज्य स्तरीय विकसित भारत-जन सेवा अभियान कार्यक्रम में स्मार्ट के अन्तर्गत मूल निवास प्रमाण-पत्र के स्वतः जारी होने की सेवा का शुभारम्भ किया था। इससे पात्र नागरिकों को मूल निवास प्रमाण-पत्र के लिए न तो आवेदन करना होगा और न ही किसी कार्यालय के चक्कर लगाने होंगे। प्रथम चरण में स्कूल शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड के आधार पर राजस्थान में लगातार 10 वर्षों तक अध्ययन करने वाले लगभग 3 लाख विद्यार्थियों को चिन्हित किया गया है। इन विद्यार्थियों को सहमति के आधार पर मूल निवास प्रमाण-पत्र स्वतः जारी किए जा रहे हैं। 9 अक्टूबर तक 27 हजार से अधिक नागरिक इस सुविधा से लाभान्वित हो चुके हैं।

वर्तमान में स्मार्ट परियोजना ई-गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसमें जन आधार परिवार कार्ड में नवजात सदस्य को स्वतः जोड़ना, सदस्य की मृत्यु होने पर जन आधार परिवार कार्ड से स्वतः विलोपन, नवजात सदस्य का आरजीएचएस परिवार कार्ड में स्वचालित रूप से जुड़ना, मृत्यु होने पर आरजीएचएस परिवार कार्ड में सदस्य का स्वतः विलोपन, नवजात सदस्य का राशन कार्ड में स्वचालित रूप से जुड़ना एवं सदस्य की मृत्यु होने पर राशन कार्ड से स्वतः विलोपन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!