चुनावी सर्वे टीमों ने सहाड़ा विधानसभा में दावेदारों की बढ़ाई धड़कने
गंगापुर -भीलवाड़ा. प्रदेश में भले ही विधानसभा चुनावों की घोषणा न हुई हो लेकिन इलाके में घूमकर चुनावी सर्वे कर रही टीमों ने इन दिनों में विधायक पद के संभावित उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा दी है। पिछले दो दिन से दिल्ली से एक निजी सर्वे टीम के लोगो द्वारा शहरी इलाकों में आमजन से विधानसभा चुनाव में संभावित उम्मीदवार की जानकारी जुटाई जा रही है।इसकी भनक लगते ही संभावित उम्मीदवारो ने अपने अपने समर्थकों को उनका नाम लिखवाने के लिए कवायद तेज कर दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल में अनेक बार राजनीतिक दलों द्वारा इस तरह की स्वतंत्र सर्वे टीमो द्वारा सर्वे करवाकर फीडबैक लिया जाता है और अनेक बार तो ऐसे फीडबैक के आधार पर ही टिकिट का फैसला लिया जाता है। इसी कारण से संभावित उम्मीदवारो में खलबली मच गई है। सबसे ज्यादा सियासत उपचुनाव में करीब 42 हजार मतों से करारी हार झेल चुकी भाजपा में गरमा गई है क्योंकि इस बार जाट बाहुल्य क्षेत्र में नए जाट नेता भी उभरकर अपनी दावेदारी प्रबल करने में जुटे हुए है। सर्वे टीम के एक प्रतिनिधि के मुताबिक भाजपा में पूर्व विधायक डॉ बालूराम चौधरी, रूपलाल जाट मुख्य रूप से नाम दावेदारी में सामने आए हैं लेकिन अब नए चेहरे के रूप में आमली ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच रतनलाल जाट के नाम की भी चर्चा चल रही है और इसी तरह फ्रेश उम्मीदवार के रूप में भाजपा के गलियारों में अखिल मेवाड़ जाट महासभा के महामंत्री , जीएसएस गंगापुर के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद एडवोकेट अरविंद चौधरी का तेजी से उभरता हुआ दिखाई पड़ रहा है। इस नाम को पिछले 30 वर्षों से सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र की भाजपा की कमान संभाल रहे परिवार के नजदीकी रिश्तेदार होने का राजनीतिक लाभ भी मिलने की सम्भावना जताई गई है और चुनाव लड़ने के हालात में उनके राजनीतिक विरोधियों द्वारा नुकसान भी मिल सकता है। अब पार्टी आलाकमान द्वारा उपचुनाव में करारी हार के बाद अगर जाट जाति के बजाय अन्य जाति को उम्मीदवार घोषित करने के हालात में प्रबल दावेदार के रूप में लादुलाल पितलिया, चावंड सिंह एकलिंगपुरा, बलवीर सिंह चूंडावत , रतन लाल अहीर के नाम सामने आए है। चुनावी सर्वे टीमों द्वारा कांग्रेस के उम्मीदवार को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है जिसमें वर्तमान विधायक गायत्री देवी त्रिवेदी के कार्यकाल जिसमें भ्रष्टाचार, आमजन को राहत के साथ में उनके पुत्रों के " क्रिया कलापों " लेकर विशेष तौर पर फीडबैक लिया जा रहा है।कांग्रेस में स्वर्गीय विधायक कैलाश त्रिवेदी के राजनीतिक सलाहकार की भूमिका निभाने वाले उनके अनुज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र त्रिवेदी का नाम भी प्रबलतम दावेदारों में शुमार है लेकिन टिकिट परिवर्तन होना नामुमकिन सा है ऐसा आम मतदाताओ का रुझान है।