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फिजियो समिट में गूंजा शोध और सम्मान का सुर युवाओं ने बिखेरा जलवा

फिजियो समिट में गूंजा शोध और सम्मान का सुर युवाओं ने बिखेरा जलवा

जयपुर। राजस्थान प्रोफेशनल कॉन्क्लेव-2026 के अंतर्गत आयोजित राजस्थान फिजियो समिट-2026 के दूसरे दिन मंगलवार को विशेषज्ञ सत्र,सम्मान समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ आयोजन यादगार बन गया। देशभर से आए फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। इस कार्यक्रम की शुरुआत पैनल डिस्कशन से हुई। जिसमें आरसीएएचसी, आईएपी और आरयूएचएस के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके बाद डॉ. हर्ष राजदीप ने “फिजियो वर्जन 2.0” विषय पर सफल फिजियोथेरेपिस्ट बनने की दिशा में मार्गदर्शन दिया। कीनोट सत्र में डॉ. मंदाकिनी सोंधी ने प्रसूति के दौरान फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। जबकि डॉ. संजीव के. झा ने फिजियोथेरेपी के विकासक्रम पर विचार रखे। डॉ. रुचि वर्श्नेय ने सितंबर 2026 में होने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजन की जानकारी साझा की। दोपहर में आयोजित समापन एवं सम्मान समारोह में 40 चिकित्सकों और शिक्षाविदों को “फिजियो प्राइड” सम्मान से नवाजा गया। साथ ही यूजी, पीजी, पीएचडी और फैकल्टी वर्ग में शोधपत्र व पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए कुल 22 पदक प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और आईएपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजीव झा सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने अपने संबोधन में कहा कि फिजियोथेरेपी आज स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है और इस क्षेत्र में नवाचार तथा अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। अकादमिक सत्रों के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चला। इसमें ग्रुप डांस, सोलो डांस, सिंगिंग और बैंड परफॉर्मेंस ने समां बांध दिया। युवाओं के आकर्षण का केंद्र रही 'रैंप वॉक' प्रतियोगिता, जिसमें भावी डॉक्टर्स ने अपना आत्मविश्वास प्रदर्शित किया। अंत में विजेताओं को ट्र्रॉफी देकर सम्मानित किया गया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ दो दिवसीय समिट का आधिकारिक समापन हुआ।

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