रोजगार संसद का हुआ आयोजन
टोंक। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के कैम्पस में रोजगार संसद का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता देश की बात फाउंडेशन के नेशनल को-ऑर्डिनेटर कृष्णा यादव, सर्किल को-ऑर्डिनेटर एड. राजेन्द्र शर्मा दिल्ली रहे। कृष्णा यादव ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देश में बेरोजगार युवकों के हित में राष्ट्रीय रोजगार नीति कानून बने, अन्यथा पूरे देश में युवा आंदोलन करेंगे। राजस्थान में टोंक जिले से राष्ट्रीय रोजगार नीति कानून बनाने हेतु रोजगार आंदोलन की शुरुआत की। डॉ. मनु शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा केंद्र सरकार मनरेगा की तरह युवाओं के हित में राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून बनना चाहिए, जिससे युवा वर्ग बेरोजगारी से मुक्त होकर स्वाभिमानी जिंदगी जी सके। डॉ. प्रकाश चंद जैन ने आर्थिक परिदृश्य पर विचार प्रकट करते हुए आर्थिक असमानता की बात बताई। पंडित सुरेशानंद शर्मा ने शिक्षा नीति को बेरोजगारी का मुख्य कारण बताया, इन्होंने व्यवसाय प्रद शिक्षा नीति बनने पर जोर दिया। रेल लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अकबर खान ने कहा कि नफरत नहीं रोजग़ार चाहिए, जीने का अधिकार चाहिए, युवाओं को रोजग़ार के अवसर मिलना चाहिए, केन्द्र सरकार को युवाओं के लिए रोजग़ार के अवसर दिए जाना चाहिए, आज युवा भारी मात्रा में बेरोजग़ार हैं। सरकारों को रोजग़ार के बारे में सोचना चाहिए। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य एवं यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष हंसराज गुजंल, किसान नेता हंसराज चौधरी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष विनोद लंबा, देवेंद्र जोशी ने रोजगार नीति पर विचार प्रकट किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पत्रकार अशोक सक्सेना ने की तथा संचालन डॉ. हनुमान सिंह खरेडा ने किया। कार्यक्रम में पंडित पवन सागर, कामरेड अच्युत ठाकुर, हनुमान सैन जिलाध्यक्ष आम आदमी पार्टी, नितेश सक्सेना, जगदीश वर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, रामबाबू गोयल, भंवर सिंह नरूका, बजरंग लाल केवट, नंदकिशोर बैरवा, आरिफ खान, आलम खान, गोपाल पाटीदार, संदीप जलवानिया, हरनाथ रामलाल, पदम कुमार,गंगाराम, खुशी राम, देवराज गुंजल, शिवजी लाल प्रजापत, दिनेश महावर, मुकेश कुमार बैरवा, विनोद प्रजापत, सुवालाल शर्मा एवं हरिराम चौधरी सहित कई गणमान्य व प्रबुद्धजनों ने भाग लिया।