निरीक्षण में सत्यापित नहीं मिले धर्मकांटा से वसूली जुर्माना राशि
श्रीगंगानगर। विधिक माप विज्ञान अधिकारी अमित चौधरी द्वारा घडसाना में धर्मकांटों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान सत्यापित नहीं मिले धर्मकांटा संचालक से जुर्माना राशि वसूल की गई।
उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान घड़साना में व्यापारी धर्मकांटा सत्यापित नहीं पाया गया। नियमानुसार धर्मकांटे पर एक टन के बाट भी नहीं मिले। उक्त अनियमितताएं मिलने पर प्रकरण दर्ज कर जुर्माना राशि राजकोष में जमा करवाई गई।
विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2009 एवं इसके अन्तर्गत बने नियमों की जानकारी देते हुए चौधरी ने बताया कि इनके तहत सत्यापन एवं मुद्रांकन पश्चात ही धर्मकांटा को उपयोग में लिया जा सकता है। सभी धर्मकांटों पर सत्यापित एक टन या कांटे की अधिकतम क्षमता के दसवें हिस्से के बराबर के बाट (जो भी कम हो) रखना अनिवार्य है। चौधरी ने सभी धर्मकांटा फर्मों व ईंट-भट्टों पर स्थापित धर्मकांटों से नियमानुसार धर्मकांटा संचालन की अपील करते हुए बताया कि विभाग की ओर से जांच कार्यवाहियां निरंतर जारी रहेंगी। इसी क्रम में बाट माप तौलने के यंत्रों या मापक यंत्रों के सत्यापन/पुनः सत्यापन हेतु विभाग द्वारा अनूपगढ़ में 15 से लेकर 20 मार्च 2024 तक शिविर आयोजित किया जा रहा है।